PM Modi Birthday: आज खास प्रोग्राम, लेकिन 2014 से अबतक, प्रधानमंत्री ने कैसे मनाए 10 जन्मदिन? इस बार विवाद क्यों?

आज 17 सितंबर 2025, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 75वां जन्मदिन है। यह दिन न केवल उनके व्यक्तिगत जीवन का महत्वपूर्ण पड़ाव है, बल्कि देशभर में इसे बड़े उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। भाजपा ने इसे सेवा और जनकल्याण से जोड़ते हुए ‘सेवा पखवाड़ा’ अभियान शुरू किया है। वहीं, प्रधानमंत्री ने मध्य प्रदेश के धार जिले में कई योजनाओं की शुरुआत कर विकास के नए संकेत दिए हैं। पिछले 10 वर्षों में मोदी के जन्मदिन पर अलग-अलग रूप से कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं, जो उनके राजनीतिक सफर और जनहित से जुड़ी योजनाओं का आईना रहे हैं। आइए जानते हैं आज के कार्यक्रम और पिछले वर्षों की विशेषताएँ विस्तार से।
आज का कार्यक्रम: विकास और सेवा का संगम
प्रधानमंत्री मोदी आज अपने जन्मदिन पर मध्य प्रदेश के धार जिले के भैसोल गांव में कई योजनाओं की शुरुआत कर रहे हैं। इनके तहत निम्न कार्यक्रम शामिल हैं:
PM मित्र पार्क की आधारशिला
प्रधानमंत्री ने भारत के पहले PM MITRA (Mega Integrated Textile Region and Apparel) पार्क का शिलान्यास किया। यह परियोजना 2150 एकड़ क्षेत्र में विकसित की जाएगी और कपड़ा उद्योग को प्रोत्साहन देने, रोजगार बढ़ाने तथा निर्यात को बढ़ावा देने का लक्ष्य रखती है।
स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान
महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार लाने के उद्देश्य से ‘स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार’ अभियान की शुरुआत की गई। इसका उद्देश्य पोषण, स्वास्थ्य सेवाओं और जागरूकता को बढ़ावा देना है।
सिकल सेल स्क्रीनिंग और काउंसलिंग कार्ड
मध्य प्रदेश में सिकल सेल एनीमिया से प्रभावित लोगों की स्क्रीनिंग और काउंसलिंग के लिए एक करोड़ कार्ड वितरित किए गए। इससे रोग की पहचान और उपचार में सहायता मिलेगी।
आदिवासी कल्याण योजनाएँ
आदिवासी समुदायों के लिए विशेष स्वास्थ्य और शिक्षा योजनाओं की शुरुआत की गई है, जिससे हाशिए पर रहने वाले समाज को मुख्यधारा में लाया जा सके।
सेवा पखवाड़ा 2025
भाजपा ने आज से दो सप्ताह तक चलने वाले ‘सेवा पखवाड़ा’ अभियान की शुरुआत की है। इसमें रक्तदान शिविर, स्वच्छता अभियान, स्वास्थ्य शिविर और मोदी जी की उपलब्धियों पर चर्चा जैसे कार्यक्रम शामिल हैं। बिहार में 50 हजार स्थानों पर शॉर्ट फिल्म दिखाकर जनता को जागरूक किया जा रहा है।
पिछले 10 वर्षों का सफर: हर साल अलग पहचान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2014 से लेकर अब तक अपने जन्मदिन को केवल औपचारिक आयोजन नहीं बनने दिया, बल्कि इसे सेवा, विकास और जनहित से जोड़ते हुए हर साल अलग-अलग विषयों के साथ मनाया। आइए जानते हैं हर वर्ष का पूरा विवरण:
▶ 2024 – प्रधानमंत्री आवास योजना से लाभार्थियों का संवाद (भुवनेश्वर, ओडिशा)
इस वर्ष प्रधानमंत्री मोदी ने ओडिशा के भुवनेश्वर में 3,800 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का शिलान्यास किया। साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों से संवाद किया। उन्होंने गरीब परिवारों को घर उपलब्ध कराने की योजना की प्रगति पर चर्चा की और आवास निर्माण को प्राथमिकता देने का संदेश दिया। इसका उद्देश्य गरीब और वंचित वर्गों को सुरक्षित घर देना और जीवन स्तर को बेहतर बनाना था।
▶ 2023 – विश्वकर्मा योजना की शुरुआत (दिल्ली)
अपने 73वें जन्मदिन पर प्रधानमंत्री ने ‘विश्वकर्मा योजना’ का शुभारंभ किया। यह योजना देशभर के कारीगरों, शिल्पकारों और परंपरागत व्यवसायों से जुड़े लोगों को आर्थिक सहायता, प्रशिक्षण और आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराकर उनके कौशल विकास को बढ़ावा देती है। योजना के तहत लगभग 13,000 करोड़ रुपये का बजट रखा गया। इसका लक्ष्य छोटे व्यवसायों को मजबूती देना और युवाओं को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना था।
▶ 2022 – वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण पर ध्यान (कान्हा नेशनल पार्क, मध्य प्रदेश)
प्रधानमंत्री ने जन्मदिन पर मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध कान्हा टाइगर रिज़र्व का दौरा किया। यहाँ उन्होंने बाघ संरक्षण परियोजना के तहत कई पहल की शुरुआत की। भारत में बाघों की घटती संख्या पर चिंता जताते हुए संरक्षण प्रयासों को बढ़ाने का संकल्प लिया। साथ ही जंगलों में जैव विविधता को संरक्षित करने और पर्यावरण संरक्षण के लिए जनभागीदारी की आवश्यकता पर जोर दिया।
▶ 2021 – कोविड टीकाकरण अभियान की शुरुआत (दिल्ली और देशभर में)
कोरोना महामारी के बीच प्रधानमंत्री मोदी ने अपने 71वें जन्मदिन पर टीकाकरण अभियान की शुरुआत का संदेश दिया। देश में वैक्सीन वितरण तेज करने के लिए स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार किया गया। इसके साथ ही ‘सेवा ही संकल्प’ अभियान के तहत स्वच्छता, स्वास्थ्य जागरूकता, मास्क वितरण और ऑक्सीजन आपूर्ति को प्राथमिकता दी गई। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवा पर ध्यान देना ही राष्ट्र सेवा है।
▶ 2020 – सेवा सप्ताह और महामारी राहत (देशभर में)
कोविड-19 की दूसरी लहर के दौरान प्रधानमंत्री ने जन्मदिन पर सेवा सप्ताह मनाया। इस दौरान जरूरतमंदों तक भोजन, दवाइयाँ और चिकित्सा सेवाएँ पहुँचाई गईं। केंद्र सरकार और भाजपा कार्यकर्ताओं ने गाँव-गाँव जाकर राहत कार्य चलाए। लॉकडाउन की कठिनाइयों के बीच यह सेवा अभियान सामाजिक एकजुटता का प्रतीक बना।
▶ 2019 – गुरुद्वारे में सेवा और आध्यात्मिक जुड़ाव (अमृतसर, पंजाब)
प्रधानमंत्री ने अपने 69वें जन्मदिन पर अमृतसर स्थित श्री हरमंदिर साहिब (स्वर्ण मंदिर) में सेवा की। उन्होंने गुरुद्वारे में जाकर ‘नानक नाम चढ़दी कला’ का जाप किया और सेवा की भावना का संदेश दिया। इसके साथ ही पंजाब में शिक्षा और सेवा कार्यों से जुड़े संस्थानों का दौरा कर युवाओं से संवाद किया। आध्यात्मिकता और सेवा को साथ लेकर चलने का यह प्रयास उस समय व्यापक चर्चा में रहा।
▶ 2018 – बच्चों के बीच शिक्षा और जागरूकता अभियान (नई दिल्ली और अन्य राज्यों में)
इस वर्ष प्रधानमंत्री ने स्कूलों में जाकर बच्चों से संवाद किया। उन्होंने शिक्षा को बच्चों का अधिकार बताते हुए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, खेलकूद और पोषण पर ध्यान देने का संदेश दिया। कई सरकारी स्कूलों में किताबें, खेल सामग्री और डिजिटल उपकरण उपलब्ध कराए गए। यह अभियान शिक्षा में सुधार और बच्चों के समग्र विकास को लेकर था।
▶ 2017 – सरदार सरोवर परियोजना का उद्घाटन (नर्मदा, गुजरात)
प्रधानमंत्री ने अपने 67वें जन्मदिन पर गुजरात में नर्मदा नदी पर बने सरदार सरोवर डैम का उद्घाटन किया। इस परियोजना से सिंचाई, पेयजल और जलविद्युत उत्पादन को नया बल मिला। प्रधानमंत्री ने इसे देश की जल नीति में एक बड़ी उपलब्धि बताते हुए जल संरक्षण, ऊर्जा उत्पादन और ग्रामीण विकास पर ध्यान केंद्रित किया। यह परियोजना लंबे समय से प्रतीक्षित थी और इसका उद्घाटन एक ऐतिहासिक पल बना।
▶ 2016 – वृद्धाश्रम में सेवा और संवाद (वाराणसी, उत्तर प्रदेश)
अपने 66वें जन्मदिन पर प्रधानमंत्री मोदी ने वाराणसी स्थित वृद्धाश्रम में जाकर बुजुर्गों से संवाद किया। उन्होंने उनकी समस्याएँ सुनीं और सम्मान के साथ जीवन जीने का संदेश दिया। साथ ही ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ अभियान के तहत महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने और वृद्धजनों के लिए योजनाओं को मजबूत करने की दिशा में काम करने का आश्वासन दिया।
▶ 2015 – सेना के जवानों के साथ उत्सव (राजस्थान और जम्मू-कश्मीर में)
प्रधानमंत्री ने अपने 65वें जन्मदिन पर भारतीय सेना के जवानों के साथ समय बिताया। उन्होंने सैनिकों की वीरता की सराहना करते हुए 1965 और 1971 के युद्धों की यादें साझा कीं। सीमावर्ती क्षेत्रों में जाकर जवानों से संवाद किया और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने की योजनाओं की चर्चा की। यह जन्मदिन देश की सुरक्षा का संदेश देने के लिए समर्पित रहा।
▶ 2014 – गरीबों के बीच प्रधानमंत्री आवास योजना का आरंभ (गुजरात और अन्य राज्यों में)
प्रधानमंत्री बनने के बाद अपने पहले जन्मदिन पर मोदी ने गरीबों और वंचित वर्गों के बीच जाकर प्रधानमंत्री आवास योजना का विस्तार किया। देश के विभिन्न हिस्सों में लाभार्थियों से संवाद कर उन्हें घर उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कराई। साथ ही ‘स्वच्छ भारत अभियान’ और ग्रामीण विकास योजनाओं पर ध्यान केंद्रित किया गया। यह उनके नेतृत्व की शुरुआत का प्रतीक बन गया।
जन्मदिन का बदलता स्वरूप: राजनीति से सेवा तक
पिछले वर्षों में प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन की पहचान हर बार अलग रही। कभी स्वास्थ्य सेवा, कभी सेना सम्मान, तो कभी पर्यावरण और आज रोजगार, महिला सशक्तिकरण और उद्योग विकास पर ध्यान केंद्रित किया गया। यह दिखाता है कि उनका जन्मदिन सिर्फ व्यक्तिगत उत्सव नहीं बल्कि जनकल्याण से जुड़े अभियानों का मंच बन गया है।
75वें जन्मदिन पर विवाद: क्या अब मोदी जी रिटायर होंगे?
हालाँकि हर साल की तरह इस बार भी प्रधानमंत्री मोदी का जन्मदिन सेवा और विकास से जुड़ी योजनाओं के साथ मनाया जा रहा है, लेकिन उनकी 75 वर्ष की उम्र और रिटायरमेंट को लेकर चल रही बहस ने इस बार जन्मदिन को थोड़ा विवादित भी बना दिया है। संघ प्रमुख मोहन भागवत द्वारा पहले दिए गए संकेत – कि 75 वर्ष की उम्र पार करने के बाद नेताओं को सक्रिय राजनीति से हटकर नई पीढ़ी को अवसर देना चाहिए – सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बने हुए हैं। कई विश्लेषक यह सवाल उठा रहे हैं कि क्या इस उम्र में भी मोदी जी सत्ता में बने रहेंगे या कोई बदलाव होगा। हालांकि जन्मदिन के भव्य आयोजन, सेवा पखवाड़ा, पीएम मित्र पार्क जैसी योजनाओं और देशभर में बधाइयों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि फिलहाल मोदी जी के रिटायर होने का कोई संकेत नहीं है। फिर भी “रिटायरमेंट बहस” ने इस बार के उत्सव में राजनीतिक संवाद का नया आयाम जोड़ दिया है।



