यूपी में वकीलों ने दरोगा-सिपाही को दौड़ाकर पीटा: वर्दी फाड़ी, 3 जगह सिर फटा, 13 चोटें.. अब 300 पुलिसकर्मी तैनात!

वाराणसी की कचहरी में मंगलवार को उस समय हड़कंप मच गया जब वकीलों ने बड़ागांव थाने के दरोगा मिथिलेश प्रजापति पर हमला कर दिया। दरोगा की वर्दी फाड़ दी गई और उन्हें सिर-चेहरे पर गंभीर चोटें आईं। इलाज के लिए उन्हें ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया जहाँ उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है। घटना ने कचहरी परिसर में तनाव बढ़ा दिया और पुलिस ने आरोपियों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है।

घटना कैसे हुई?

मंगलवार को दरोगा मिथिलेश प्रजापति और एक सिपाही कचहरी परिसर में गो अधिनियम से जुड़ा रिमांड पर्चा लेने आए थे। जैसे ही वकीलों ने दरोगा को देखा, बड़ी संख्या में वकील इकट्ठा हो गए। देखते ही देखते उन्होंने दरोगा को घेर लिया और मारपीट शुरू कर दी। दरोगा को सिर और चेहरे पर गंभीर चोटें आईं, जबकि शरीर पर 13 जगहों पर चोट के निशान पाए गए। सिपाही को भी चोटें लगीं। पुलिस की टीम मौके पर पहुंची तो वकील भाग गए, लेकिन मामला अभी भी गंभीर बना हुआ है।

विवाद की जड़: बड़ागांव में ज़मीन विवाद

जानकारी के अनुसार, बड़ागांव थाना क्षेत्र के पुआरी खुर्द गाँव में दो पक्षों – मोहित कुमार सिंह और प्रेमचंद्र मौर्या – के बीच वर्षों से जमीन विवाद चल रहा था। आराजी संख्या 125 और 126 को लेकर दोनों पक्षों में कई बार झड़प हो चुकी थी। समाधान दिवस के दौरान पुलिस ने दोनों पक्षों का शांति भंग में चालान कर दिया। आरोप है कि इसी दौरान दरोगा मिथिलेश प्रजापति ने एक पक्ष के वकील से मारपीट कर दी, जिससे गुस्साए वकीलों ने कचहरी में दरोगा पर हमला कर दिया।

दरोगा की गंभीर हालत और अस्पताल में भर्ती

इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर डॉ. परवेज अहमद ने बताया कि दरोगा मिथिलेश की हालत नाजुक है। सिर पर 3 गहरे घाव, चेहरे पर 3 चोटें और पूरे शरीर में कुल 13 जगह इंजरी पाई गई हैं। फिलहाल उनका इलाज ट्रॉमा सेंटर में चल रहा है। उनके साथ आए सिपाही को भी चोटें आईं।

पुलिस की कार्रवाई: सीसीटीवी से आरोपियों की पहचान

अपर पुलिस आयुक्त शिवहरि मीणा ने बताया कि दरोगा और पुलिसकर्मियों पर हमले में शामिल वकीलों की पहचान के लिए पुलिस सक्रिय हो गई है। कचहरी परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों और वीडियो रिकॉर्डिंग की मदद से दोषियों को चिन्हित कर साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन की तत्परता: DM और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुँचे

घटना की गंभीरता को देखते हुए छह थानों की पुलिस फोर्स, लगभग 300 जवान कचहरी चौकी पर तैनात कर दिए गए। वाराणसी के डीएम सत्येंद्र कुमार, डीआईजी शिवहरि मीणा, डीसीपी काशी जोन प्रमोद कुमार, एडीसीपी क्राइम सरवणन टी और एडीएम सिटी आलोक वर्मा समेत वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुँचे। जिला जज के निर्देश पर कोर्ट परिसर खाली कराया गया ताकि शांति बहाल की जा सके।

कचहरी में तनाव: वकीलों की भीड़ और पुलिस की मौजूदगी

घटना के बाद कचहरी परिसर में काफी देर तक तनाव की स्थिति बनी रही। वकील दरोगा को देखकर भड़क गए और भीड़ जमा हो गई। पुलिस के पहुंचने पर वकील छिटक गए, लेकिन घटना ने कोर्ट परिसर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन ने सुरक्षा बढ़ा दी है और मामले की गहराई से जांच शुरू कर दी है।

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