कलेक्टर को दिखाया मुक्का, अब मुसीबत में BJP विधायक.. पहले पार्टी ने फटकारा, अब IAS एसोसिएशन मैदान में

भोपाल। मध्य प्रदेश के भिंड जिले में उर्वरक संकट को लेकर BJP विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाहा और कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव के बीच हुआ विवाद अब बड़ा राजनीतिक और प्रशासनिक मुद्दा बन गया है। पहले पार्टी ने विधायक को भोपाल बुलाकर कड़ी फटकार लगाई और अब IAS एसोसिएशन ने भी मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर इस पूरे मामले में ठोस कार्रवाई की मांग की है।
विवाद कैसे शुरू हुआ?
जानकारी के अनुसार, विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाहा किसानों के साथ कलेक्टर आवास पर पहुंचे थे और उर्वरक वितरण में गड़बड़ी का आरोप लगाया। बहस के दौरान विधायक ने कलेक्टर को “सबसे बड़ा चोर” कहा और एक वीडियो में उनका हाथ चढ़ाकर मुक्का मारने जैसा इशारा भी किया गया। पूरा घटनाक्रम कैमरे में कैद हो गया।
BJP ने विधायक को दी सख्त चेतावनी
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा और प्रदेश प्रभारी डॉ. महेंद्र सिंह ने कुशवाहा को भोपाल बुलाकर फटकार लगाई। पार्टी ने साफ कहा कि अनुशासनहीनता किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विधायक को चेतावनी दी गई है कि भविष्य में ऐसा व्यवहार दोहराया गया तो कड़ी कार्रवाई होगी।
IAS एसोसिएशन ने जताया कड़ा विरोध
IAS एसोसिएशन, मध्य प्रदेश ने इस घटना को “लोकतांत्रिक व्यवस्था की मूल नींव पर आघात” बताया। 27 अगस्त को हुई बैठक में एसोसिएशन ने कहा कि किसी जनप्रतिनिधि का किसी अधिकारी को सार्वजनिक रूप से अपमानित करना न सिर्फ सेवा की गरिमा को ठेस पहुँचाता है बल्कि पूरे प्रशासनिक ढाँचे को कमजोर करता है।
मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर 3 मांगें
एसोसिएशन ने 29 अगस्त को मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में 3 प्रमुख मांगें कीं:
- कानून के अनुसार तुरंत और उचित कार्रवाई हो ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
- फील्ड अधिकारियों की गरिमा, स्वतंत्रता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएँ।
- शिकायतों के समाधान के लिए जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के बीच संवाद की औपचारिक व्यवस्था बनाई जाए।
प्रशासनिक मनोबल और सुशासन का सवाल
एसोसिएशन का कहना है कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो क्षेत्रीय अधिकारियों का मनोबल टूटेगा और निष्पक्ष निर्णय लेने की क्षमता प्रभावित होगी। उन्होंने सरकार से स्पष्ट संदेश देने की मांग की है कि किसी भी अधिकारी को धमकाना या डराना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
प्रशासनिक गरिमा और लोकतांत्रिक मर्यादा का मुद्दा
भिंड कलेक्टर और BJP विधायक के बीच हुआ यह विवाद अब पार्टी अनुशासन से आगे बढ़कर प्रशासनिक गरिमा और लोकतांत्रिक मर्यादा का मुद्दा बन गया है। जहां भाजपा ने विधायक को चेतावनी दी है, वहीं IAS एसोसिएशन ने सीएम से ठोस कदम उठाने का अनुरोध किया है। आने वाले दिनों में देखना होगा कि सरकार इस संवेदनशील मामले पर क्या फैसला लेती है।



