Shocking: बादल फटा, मलबे में बहा, फिर ‘बकरी’ ने बचाई 14 वर्षीय बच्चे की जान.. हैरान कर देगी ये चमत्कारिक कहानी!

देहरादून (उत्तराखंड)। उत्तराखंड के कपकोट तहसील के पौंसारी गांव में भारी बारिश और मलबे की तबाही से कई परिवार प्रभावित हुए। इस हादसे में एक घर पूरी तरह बह गया, एक महिला की मौत हो गई और एक युवक लापता है। लेकिन इसी तबाही के बीच 14 वर्षीय पवन की जान एक बकरी ने बचाई, जिसने उसे मलबे के बहाव से निकालकर झाड़ियों में फंसा दिया। यह अनोखा वाकया पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है।

देर रात भारी बारिश से आई आपदा

गुरुवार रात करीब डेढ़ बजे कपकोट तहसील के पौंसारी गांव के खाईजर इलाके में अचानक तेज बारिश शुरू हुई। बारिश के साथ मलबे का भारी बहाव आया जिसने रमेश जोशी और पूरन जोशी का घर पूरी तरह बहा दिया। इस हादसे में रमेश जोशी की पत्नी की मौके पर ही मौत हो गई। उनका बड़ा बेटा सुमित अब तक लापता है, जबकि छोटा बेटा पवन भी मलबे में बह गया था।

चमत्कारिक बचाव में बकरी बनी जीवनदाता

मलबे में बहते हुए पवन बकरियों के झुंड के साथ करीब 100 मीटर दूर तक चला गया। अचानक वह एक बकरी के साथ छिटककर रिंगाल की झाड़ियों में गिर पड़ा। रातभर वह उसी बकरी के साथ झाड़ी में चिपका रहा। यह दृश्य किसी फिल्मी कहानी जैसा लग रहा था, लेकिन पवन के लिए यही जीवनदान साबित हुआ। ग्रामीणों का कहना है कि यह इंसानियत और चमत्कार का अद्भुत उदाहरण है।

सुबह ग्रामीणों ने देखा और बचाया

शुक्रवार सुबह गांव के निवासी देवराम ने रिंगाल की झाड़ियों में पवन को देखा। वह पूरी तरह मिट्टी में सना हुआ था और बेहद कमजोर हालत में था। साहस जुटाकर देवराम ने पवन को झाड़ी से बाहर निकाला। इस दौरान झाड़ी में फंसी बकरी डर के मारे नदी में कूद गई और बह गई। पवन को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है।

‘पवन का बचना किसी चमत्कार से कम नहीं’

गांव के पूर्व शिक्षक देवीदत्त पांडे ने बताया कि पवन का जिंदा बचना असंभव सा लग रहा था। गांव में किसी ने उसकी उम्मीद भी नहीं छोड़ी थी, लेकिन उसका जीवित मिलना चमत्कार से कम नहीं। ग्रामीणों ने इसे ईश्वर की कृपा और बकरी की बहादुरी बताया।

बड़े भाई गणेश पर परिवार की जिम्मेदारी

इस आपदा में पिता रमेश की पत्नी की मौत और एक बेटे की लापता होने के बाद अब परिवार की पूरी जिम्मेदारी पवन के बड़े भाई गणेश पर आ गई है। गणेश दिल्ली में एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करता है। हादसे की सूचना मिलते ही वह तुरंत घर के लिए रवाना हो गया। गांव के लोग इस घटना से गमगीन हैं, लेकिन पवन का चमत्कारिक बचना उनके लिए उम्मीद और हिम्मत की कहानी बन गया है।

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