BJP नेता की हत्या का खुलासा, जो होश उड़ा दे: नैनीताल में दोस्त, और दोस्त की पत्नी.. एक ही कमरा, फिर पटरियों पर लाश!

प्रयागराज। उत्तर प्रदेश की सियासत से जुड़ी एक सनसनीखेज वारदात ने पूरे प्रदेश को हिला दिया है। भाजपा नेता और पूर्व जिला पंचायत सदस्य रणधीर यादव की किडनैपिंग और हत्या की कहानी किसी क्राइम-थ्रिलर से कम नहीं है। पुलिस जांच में सामने आया है कि इस कत्ल की जड़ में डॉक्टर उदय यादव, उसकी पत्नी अंजली और दोस्ती में हुआ दगा है।

दोस्ती से दुश्मनी तक: अफेयर बना वजह

डॉ. उदय यादव और रणधीर यादव के बीच गहरी दोस्ती थी। लेकिन यह रिश्ता तब जहर बन गया जब उदय को शक हुआ कि उसकी पत्नी अंजली और रणधीर के बीच अफेयर चल रहा है। दो महीने पहले तीनों नैनीताल घूमने गए थे। वहां होटल में एक ही कमरा बुक करवाया गया था। राम सिंह (आरोपी) के मुताबिक, उदय ने वहीं अपनी पत्नी और रणधीर को आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया था। तभी से उसने रणधीर को खत्म करने का प्लान बना लिया।

अंजली की रहस्यमयी मौत और छिपा सच

11 जुलाई 2025 को अचानक अंजली की लाश उसके घर से मिली। आशंका है कि उसे जहर देकर मारा गया। हालांकि उस समय पुलिस कार्रवाई से पहले परिवार ने जल्दबाजी में अंतिम संस्कार कर दिया। अब पुलिस ने अंजली की मौत को हत्या मानकर नए सिरे से जांच शुरू कर दी है। इस पूरे घटनाक्रम ने मामले को और भी पेचीदा बना दिया है।

किडनैपिंग और हत्या की रात

22 अगस्त को शाम करीब 5.30 बजे रणधीर को पार्टी के बहाने बुलाया गया। राम सिंह और उदय यादव ने कहा कि चित्रकूट चलकर शराब पार्टी करनी है। रणधीर को शक न हो, इसके लिए मिठाई और नमकीन भी खरीदी गईं। रास्ते में उदय का चचेरा भाई विजय दूसरी गाड़ी से पीछे चलता रहा।

शराब पीते-पीते रणधीर को खतरे का अंदेशा हुआ और उसने चित्रकूट जाने से मना कर दिया। तभी उदय ने अचानक लोहे की रॉड से उसके सिर पर वार किया। फिर राम सिंह और उदय दोनों ने उसका गला दबाया। कुछ ही मिनटों में रणधीर की मौत हो गई।

ट्रेन से मिटा दी पहचान

हत्या के बाद शव को स्कॉर्पियो में डालकर आरोपी करीब एक घंटे तक घूमते रहे। उदय का गुस्सा शव पर भी बरसता रहा। बाद में लाश को पूरामुफ्ती इलाके में बमरौली रेलवे स्टेशन आउटर के पास पटरी पर रख दिया गया। योजना थी कि ट्रेन गुजरने से शव के टुकड़े-टुकड़े हो जाएं और पहचान मिट जाए।

रात 11.45 बजे डिब्रूगढ़ राजधानी एक्सप्रेस वहां से गुजरी। ट्रेन गुजरने के बाद शव कई टुकड़ों में बिखर गया। उदय और उसके साथियों ने फिर भी संतोष नहीं किया और शव के बड़े हिस्से को दोबारा पटरी पर रख दिया, ताकि आने वाली ट्रेनें उसे पूरी तरह नष्ट कर दें।

स्कॉर्पियो जलाने का प्लान भी फेल

हत्या के बाद आरोपी रणधीर की स्कॉर्पियो को लेकर चित्रकूट पहुंचे ताकि जंगल में जला सकें। लेकिन रास्ते में गाड़ी फंस गई। मजबूरी में उसे वहीं छोड़कर दूसरी गाड़ी से प्रयागराज लौट गए। 24 अगस्त को स्कॉर्पियो लावारिस हालत में मिली।

पुलिस की जांच और फरार उदय यादव

राम सिंह की गिरफ्तारी के बाद पुलिस को पूरे मामले की परतें खोलने में सफलता मिली। पुलिस के अनुसार, अंजली की मौत जहर खाने से हुई थी, लेकिन उदय और परिवार ने जानबूझकर पुलिस को खबर नहीं दी और उसका अंतिम संस्कार कर दिया।

इस वक्त मुख्य आरोपी डॉ. उदय यादव फरार है। उसकी लास्ट लोकेशन चित्रकूट में मिली थी। पुलिस ने कानपुर, प्रयागराज और अन्य जगहों पर दबिश दी है। तीन टीमें उसकी तलाश में लगी हुई हैं।

रणधीर यादव कौन थे?

रणधीर यादव प्रयागराज के मोहम्मदपुर हथिगंहा के रहने वाले थे। उनके पिता राम अभिलाष यादव सेना में सूबेदार रह चुके हैं। पत्नी बबली यादव वर्तमान में जिला पंचायत सदस्य हैं। 22 अगस्त की रात वह नवाबगंज बाजार के एक ढाबे पर देखे गए थे, जिसके बाद उनका कोई पता नहीं चला।

उनकी पत्नी बबली यादव ने अपहरण की FIR दर्ज करवाई थी, जिसमें राम सिंह और डॉ. उदय यादव को नामजद किया गया था।

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