बड़ी खबर: मेरठ में हरयाणा पुलिस की भयंकर पिटाई, वकीलों ने दौड़ाकर पीटा.. गाड़ी तोड़ दी, वजह होश उड़ा देगी!

मेरठ (उत्तर प्रदेश): मेरठ कचहरी परिसर में शुक्रवार शाम उस समय अफरा-तफरी मच गई जब हरियाणा के कैथल जिले की पुलिस टीम कोर्ट में पेशी पर आए एक बदमाश को पकड़ने पहुंची। आरोपी ने अपहरण का शोर मचा दिया, जिसके बाद वकीलों और लोगों ने पुलिसकर्मियों को बदमाश समझकर दौड़ा-दौड़ाकर पीटा और उनकी गाड़ी पर पथराव कर दिया।
आरोपी सुखदेव को पकड़ने आई थी कैथल पुलिस
पुलिस के अनुसार, हरियाणा के कैथल जिले का निवासी सुखदेव जानलेवा हमला और आर्म्स एक्ट के मामले में वांछित चल रहा है। इसके अलावा, वर्ष 2010 में मेरठ के हस्तिनापुर क्षेत्र में हुई हत्या के मामले में भी वह जेल जा चुका है। हत्या का केस मेरठ न्यायालय में चल रहा है।
शुक्रवार को उसकी कोर्ट में पेशी थी, जिसकी जानकारी कैथल पुलिस की एसडीयू (स्पेशल डिटेक्टिव यूनिट) टीम को मिल गई। एएसआई तरसेन सिंह के नेतृत्व में पांच सदस्यीय टीम स्कॉर्पियो से मेरठ पहुंची। सभी पुलिसकर्मी सादे कपड़ों में थे और केवल स्कॉर्पियो पर ‘पुलिस’ लिखी चिट लगी थी।
अपहरण का शोर और वकीलों का आक्रोश
करीब शाम 5:40 बजे, पुलिस टीम ने कचहरी परिसर के 13 न्यायालय भवन के सामने से आरोपी सुखदेव को पकड़ लिया। उस समय उसके साथ अधिवक्ता और कुछ अन्य लोग मौजूद थे। अचानक पकड़ने पर सुखदेव ने बदमाशों द्वारा अपहरण की कोशिश का शोर मचा दिया।
इस पर वकील और अन्य लोग दौड़ पड़े और उन्होंने पुलिस टीम को घेरकर पीटना शुरू कर दिया। आरोप है कि पुलिसकर्मी बार-बार अपना परिचय देते रहे, यहां तक कि पहचान पत्र भी दिखाए, लेकिन लोगों ने उन्हें छीन लिया और पिटाई जारी रखी।
पुलिसकर्मियों पर हमला और गाड़ी पर पथराव
हंगामे के दौरान भीड़ ने पुलिसकर्मियों की स्कॉर्पियो पर पथराव कर शीशे तोड़ दिए और गाड़ी की चाबी भी निकाल ली। इस दौरान पुलिसकर्मी भागने का प्रयास करते रहे लेकिन उनका पीछा कर उन्हें पीटा गया। आधे घंटे तक कचहरी परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
स्थानीय पुलिस की हस्तक्षेप से बची जान
सूचना मिलते ही सिविल लाइन थाना पुलिस और सीओ अभिषेक तिवारी मौके पर पहुंचे और घिरे हुए पुलिसकर्मियों को बचाया। इसके बाद आरोपी सुखदेव को भी हिरासत में लेकर सिविल लाइन थाने भेजा गया। गाड़ी की चाबी गायब होने के कारण स्कॉर्पियो को क्रेन मंगवाकर थाने भेजा गया।
हरियाणा पुलिस ने स्थानीय पुलिस को नहीं दी थी जानकारी
एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने बताया कि कैथल पुलिस टीम वर्दी में नहीं थी और न ही उन्होंने मेरठ पुलिस को अपनी कार्रवाई की कोई सूचना दी थी। उन्होंने संबंधित थाने में आमद भी दर्ज नहीं कराई।
फिलहाल कैथल पुलिस अधिकारियों को घटना की जानकारी दे दी गई है। स्थानीय पुलिस ने कहा कि अभी तक कोई तहरीर नहीं मिली है, लेकिन शिकायत के आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी।



