‘वोट चोरी’ विवाद के बीच Constitution Club का इलेक्शन हुआ रोमांचक, SP-Congress सब दे रहे BJP को वोट !

नई दिल्ली। कांस्टीट्यूशन क्लब के चुनाव 2025 में एक दिलचस्प राजनीतिक तस्वीर उभरकर सामने आई है। यहां मुकाबला सीधे तौर पर भाजपा बनाम भाजपा का है, लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि विपक्षी दलों के नेता भी भाजपा उम्मीदवारों को वोट दे रहे हैं। ऐसे माहौल में चुनावी प्रतिस्पर्धा के बजाय आपसी समीकरण और सियासी समझौते ज्यादा चर्चा में हैं।
भाजपा के दो दिग्गज आमने-सामने
इस बार कांस्टीट्यूशन क्लब के चुनाव में दो बड़े भाजपा नेता मैदान में हैं — राज्यसभा सांसद राजीव प्रताप रूडी और केंद्रीय मंत्री संजय बालियान। दोनों ही उम्मीदवार सत्तारूढ़ दल से होने के कारण चुनाव का स्वरूप एकतरफा राजनीतिक मुकाबले के बजाय आंतरिक शक्ति परीक्षण जैसा बन गया है।
विपक्ष का अप्रत्याशित रुख
सबसे दिलचस्प पहलू यह है कि कांग्रेस से लेकर अन्य विपक्षी दलों के नेता भी इन भाजपा उम्मीदवारों के पक्ष में वोट डाल रहे हैं। आमतौर पर ऐसे चुनावों में विपक्ष अपनी ताकत दिखाने के लिए अलग खड़ा होता है, लेकिन इस बार समीकरण उलटे हैं। बताया जा रहा है कि व्यक्तिगत रिश्तों और क्लब के भीतर की गुटबाज़ी ने राजनीतिक विभाजन की सीमाएं धुंधली कर दी हैं।
चुनाव से ज्यादा अहम रिश्ते और समीकरण
कांस्टीट्यूशन क्लब के चुनाव हमेशा से राजनीतिक नेटवर्किंग और व्यक्तिगत समीकरणों के लिए जाने जाते रहे हैं। इस बार भी मामला पार्टी लाइन से हटकर आपसी जान-पहचान और गुटबाज़ी पर टिक गया है। यही वजह है कि भाजपा के दो उम्मीदवारों के बीच हो रही इस टक्कर में विपक्षी वोट भी निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं।
सियासी संदेश और अंदरूनी शक्ति परीक्षण
विशेषज्ञों का मानना है कि यह मुकाबला सिर्फ क्लब के पदों के लिए नहीं, बल्कि भाजपा के अंदरूनी शक्ति संतुलन और नेताओं के प्रभाव क्षेत्र को मापने का जरिया भी है। विपक्ष का भाजपा उम्मीदवारों को समर्थन देना इस बात का संकेत है कि क्लब के चुनावों में सियासी सीमाएं अक्सर धुंधली हो जाती हैं और निजी समीकरण भारी पड़ते हैं।



