CM योगी के शहर में 8वीं के छात्र से बर्बरता, बंधक बनाकर मारा.. थूक चटवाया, बोला- “दौड़ाकर गोली मारूंगा”

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जिसमें 8वीं कक्षा में पढ़ने वाले एक छात्र को दो नाबालिग सहपाठियों ने बंधक बनाकर बेरहमी से पीटा और थूक चटवाया। आरोपियों ने इस शर्मनाक हरकत का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। पुलिस ने पीड़ित की मां की शिकायत पर दोनों नाबालिगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है और मामले की जांच शुरू कर दी है।


स्कूल से लौटते समय छात्र को जबरन उठाया गया

यह घटना 26 जुलाई को चिलुआताल थाना क्षेत्र के मजनू चौकी अंतर्गत खुटवा इलाके में घटी। 14 वर्षीय पीड़ित छात्र स्कूल से छुट्टी के बाद घर लौट रहा था। इसी दौरान कुसहरा निवासी दो नाबालिग छात्रों ने उसे सुनसान जगह पर घेर लिया और जबरदस्ती मजनू चौकी के पास स्थित एक हार्डवेयर की दुकान में ले गए। वहां उसे बंधक बना लिया गया।


लोहे के पाइप से पीटा, थूक चटवाया

बंदी बनाए जाने के बाद आरोपियों ने छात्र को लोहे की पाइप से बेरहमी से पीटा। यही नहीं, छात्र को ज़मीन पर थूक चटवाया गया और धमकी दी गई कि अगर किसी से शिकायत की तो बीच चौराहे पर गोली मार देंगे। पीड़िता की मां ने बताया कि उनके बेटे को अंदरूनी चोटें आई हैं और वह डर की वजह से घर में खुद को बंद कर चुका है। पूरा परिवार इस घटना से सदमे में है।


वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर किया वायरल

इस पूरी अमानवीय घटना का वीडियो भी बनाया गया, जिसमें एक लड़का स्कूल ड्रेस में पीड़ित छात्र को पाइप से पीट रहा है। एक अन्य क्लिप में उसे ज़मीन पर थूक चाटने के लिए मजबूर किया जा रहा है। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद परिवार को इस भयावह घटना की जानकारी मिली।


आपसी विवाद से उपजा था मामला, पुलिस ने दर्ज की एफआईआर

थाना प्रभारी अतुल श्रीवास्तव ने बताया कि यह मामला स्कूल के अंदर दो छात्रों के बीच हुए विवाद से जुड़ा है। बताया गया कि पीड़ित छात्र आरोपी को किसी उपनाम से चिढ़ाता था, जिसके चलते उसने बदला लेने की नीयत से इस घटना को अंजाम दिया। फिलहाल दोनों आरोपी नाबालिग हैं। पीड़ित की मां की तहरीर पर केस दर्ज कर लिया गया है और कानूनी कार्रवाई जारी है।


बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल

इस घटना ने न केवल स्कूलों में छात्रों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि यह भी उजागर किया है कि सोशल मीडिया के माध्यम से ऐसी हिंसक और अपमानजनक घटनाएं कैसे सार्वजनिक हो रही हैं। बाल मनोविज्ञान और विद्यालयी अनुशासन पर गंभीर बहस की आवश्यकता है।

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