बड़ी खबर: BJP नेता पर नाबालिग से रेप का केस, गिरफ्तार हुआ एक मशहूर वकील..

कानपुर पुलिस ने ‘ऑपरेशन महाकाल’ के तहत शहर के चर्चित अधिवक्ता अखिलेश दुबे को बुधवार को गिरफ्तार कर लिया है। इस कार्रवाई से पूरे कानपुर में सनसनी फैल गई है। दुबे पर भाजपा नेता रवि सतीजा से झूठे पॉक्सो केस में फंसाकर 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगने का गंभीर आरोप है। पुलिस ने दुबे के सहयोगी लवी मिश्रा को भी अरेस्ट किया है। यह गिरफ्तारी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संज्ञान में लाए गए इस हाई-प्रोफाइल मामले में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
भाजपा नेता पर दर्ज कराया गया था झूठा रेप केस
पुलिस के मुताबिक, जनवरी 2024 में भाजपा नेता रवि सतीजा के खिलाफ पॉक्सो और रेप के प्रयास का केस दर्ज कराया गया था। लेकिन बाद में जांच में यह मामला फर्जी पाया गया और केस को एक्सपंज कर दिया गया। सतीजा ने आरोप लगाया कि उन्हें झूठे केस में फंसाकर अखिलेश दुबे और उसके साथियों ने 50 लाख रुपये की मांग की थी।
SIT गठन और जांच में हुआ खुलासा
मिश्रिख के सांसद अशोक कुमार रावत, विधायक आशीष सिंह ‘आशु’ और अन्य नेताओं की शिकायत के बाद 3 मार्च 2025 को कानपुर पुलिस कमिश्नरेट द्वारा एसआईटी का गठन किया गया। एडीसीपी क्राइम अंजली विश्वकर्मा को इसका प्रभारी बनाया गया। एसआईटी की जांच में यह बात सामने आई कि दुबे संगठित गिरोह बनाकर झूठे मुकदमे दर्ज करवा कर लोगों से उगाही कर रहा था।
गिरफ्तारी से पहले थाने में हुई पूछताछ
एसआईटी की जांच के बाद भाजपा नेता रवि सतीजा की तहरीर पर अखिलेश दुबे, लवी मिश्रा समेत आठ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने बुधवार रात दोनों को पूछताछ के लिए बुलाया। जब वह आरोपों का कोई स्पष्ट साक्ष्य नहीं दे सके, तो उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस अब अन्य आरोपियों और गिरोह से जुड़े लोगों की तलाश कर रही है।
पीड़िताएं हुईं लापता, फर्जीवाड़े का गहरा जाल
एसआईटी की जांच में सामने आया कि जिन लड़कियों के नाम पर पॉक्सो और रेप के केस दर्ज कराए गए, वे अब लापता हैं। कई मामलों में कथित पीड़िताएं अपने घर छोड़कर चली गई हैं। इससे यह पुष्टि होती है कि अखिलेश दुबे का गिरोह झूठे मामलों की साजिश रचता था और लोगों को ब्लैकमेल करता था।
सांसद, विधायकों ने की थी कई स्तर पर शिकायतें
अखिलेश दुबे के खिलाफ भाजपा सांसद अशोक रावत, विधायक बम्बा लाल दिवाकर, एमएलसी रामचंद्र सिंह प्रधान और अन्य नेताओं ने शासन व पुलिस के उच्च अधिकारियों को पत्र लिखकर जांच की मांग की थी। सफीपुर, बांगरमऊ, उन्नाव समेत कई इलाकों के जनप्रतिनिधियों ने भी दुबे के सिंडीकेट को लेकर गंभीर सवाल उठाए थे।
पार्क और वक्फ संपत्तियों पर कब्जे की भी जांच
अखिलेश दुबे के खिलाफ वक्फ संपत्ति और पार्कों पर अवैध कब्जे के आरोपों की भी जांच चल रही है। डीएम के आदेश पर एडीएम सिटी के नेतृत्व में केडीए सचिव व एसीपी समेत अधिकारियों की टीम जांच कर रही है। आरोप है कि दुबे ने साकेत नगर, तेजाब मिल कैंपस आदि में अवैध निर्माण कर व्यावसायिक गतिविधियां शुरू कर दी थीं।
डीवीआर जब्त, देर रात घर पर दी गई दबिश
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने देर रात साकेत नगर स्थित अखिलेश दुबे के आवास पर दबिश दी। घर से जरूरी दस्तावेज और सीसीटीवी का डीवीआर जब्त किया गया। इस दौरान महिलाओं ने विरोध किया, लेकिन पुलिस ने महिला बल की मदद से कार्रवाई पूरी की।
क्या है ‘ऑपरेशन महाकाल’?
कानपुर पुलिस कमिश्नरेट द्वारा शुरू किया गया ‘ऑपरेशन महाकाल’ भूमाफियाओं और संगठित अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मुहिम है। यह योजना आम जनता की शिकायतों के आधार पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने का लक्ष्य लेकर चलाई जा रही है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि चाहे आरोपी कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, बख्शा नहीं जाएगा।
पुलिस की अगली कार्रवाई की तैयारी
डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि आरोपियों को कोर्ट में पेश करने के बाद अन्य नामजद लोगों की तलाश की जा रही है। जल्द ही बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी भी संभव है। पुलिस सभी आरोपों की पुष्टि कर रही है और अपराधियों पर शिकंजा कस रही है।



