बड़ी खबर: जंगली हांथी बौराया ! 3 की मौत, 3 साल के बच्चे को पटक-पटककर मार डाला.. महिला को खेत में पटका

रायगढ़, छत्तीसगढ़ | 23 जुलाई 2025: वन्यजीव-मानव संघर्ष एक बार फिर भयावह रूप में सामने आया है। 22 जुलाई की रात, लैलूंगा वन रेंज के अंतर्गत ग्राम गोसाईडीह और मोहनपुर में एक मादा हाथी और उसके शावक ने जमकर उत्पात मचाया। इस भीषण हमले में तीन लोगों की मौत हो गई है, जबकि कई घरों को भारी नुकसान हुआ है।
गोसाईडीह में मासूम की बेरहमी से मौत
ग्राम गोसाईडीह में मादा हाथी ने एक 3 साल के मासूम बच्चे को पटक-पटक कर मार डाला। यह दृश्य इतना भयावह था कि गांव वाले कुछ समझ पाते, तब तक हाथी बच्चे को कुचल चुका था। मृतक बच्चा अंगेकेला गांव का रहने वाला था और किसी रिश्तेदार के घर आया हुआ था।
मोहनपुर में महिला पर हमला, दीवार गिरने से ग्रामीण की मौत
इसके बाद हाथी का झुंड मोहनपुर गांव की ओर बढ़ा, जहां एक महिला खेत में काम कर रही थी। हाथी ने वहां पहुंचकर महिला को भी जमीन पर पटका, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इसी दौरान हाथी ने एक घर की ईंट की दीवार को भी तोड़ दिया, जिसके मलबे में दबकर एक और पुरुष ग्रामीण की जान चली गई। दोनों मृतक मोहनपुर गांव के ही निवासी थे।
कई घरों में तोड़फोड़, ग्रामीणों में दहशत
हाथी का तांडव यहीं नहीं रुका। गोसाईडीह और मोहनपुर में कई घरों में हाथियों ने घुसकर तोड़फोड़ की और अनाज व अन्य सामान को नुकसान पहुंचाया। ग्रामीणों ने किसी तरह भागकर अपनी जान बचाई। इस हमले के बाद गांव में दहशत का माहौल है और लोग रातभर घरों से बाहर नहीं निकल सके।
वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची, जांच जारी
घटना की सूचना मिलने के बाद लैलूंगा वन रेंज की टीम सुबह घटनास्थल पर पहुंची और स्थिति का जायज़ा लिया। विभाग के अधिकारियों ने मृतकों के परिजनों से मुलाकात की और क्षतिपूर्ति की प्रक्रिया शुरू करने का आश्वासन दिया। फिलहाल हाथियों की निगरानी की जा रही है ताकि आगे कोई और नुकसान न हो।
बार-बार हो रहे हाथी हमले, समाधान की तलाश
यह घटना एक बार फिर छत्तीसगढ़ में बढ़ते मानव-हाथी संघर्ष की गंभीरता को उजागर करती है। रायगढ़, जशपुर, कोरबा जैसे क्षेत्रों में हाथियों का रिहायशी इलाकों में आना अब आम बात हो गई है। विशेषज्ञों के अनुसार, वन क्षेत्रों में भोजन की कमी और मानव अतिक्रमण इसकी प्रमुख वजहें हैं।



