9 करोड़ के कर्ज मामले में तिहाड़ जाने से पहले भावुक हुए राजपाल यादव, सोनू सूद ने बढ़ाया मदद का हाथ

9 करोड़ के कर्ज मामले में तिहाड़ जाने से पहले भावुक हुए राजपाल यादव सोनू सूद ने फिल्म ऑफर कर साइनिंग अमाउंट देने का किया ऐलान चेक बाउंस केस में 6 महीने की सजा, बॉलीवुड से साथ खड़े होने की अपील

Rajpal yadav: 9 करोड़ रुपये के कर्ज और चेक बाउंस केस में तिहाड़ जेल जाने से ठीक पहले अभिनेता राजपाल यादव के इमोशनल बयान ने बॉलीवुड में हलचल मचा दी है। इस मुश्किल वक्त में अभिनेता सोनू सूद खुलकर उनके समर्थन में सामने आए हैं। सोनू सूद ने न सिर्फ राजपाल यादव को अपनी आने वाली फिल्म ऑफर की है, बल्कि उन्हें एक छोटा सा साइनिंग अमाउंट देने का भी ऐलान किया है। सोनू सूद ने साफ शब्दों में कहा कि यह मदद किसी तरह की चैरिटी नहीं, बल्कि एक कलाकार के प्रति सम्मान और प्रोफेशनल सहयोग है। उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री से भी अपील की है कि वह इस मुश्किल दौर में राजपाल यादव के साथ खड़ी हो।

 

सोनू सूद का सोशल मीडिया पर समर्थन

मंगलवार को राजपाल यादव का एक भावुक वीडियो और बयान सामने आया था, जिसमें उन्होंने पैसों की भारी तंगी और अकेलेपन का जिक्र किया था। इसके बाद सोनू सूद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) और इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए अपना समर्थन जताया। सोनू सूद ने लिखा, “राजपाल यादव एक बेहद टैलेंटेड एक्टर हैं, जिन्होंने हमारी इंडस्ट्री को सालों तक यादगार परफॉर्मेंस दी है। कई बार जिंदगी इसलिए मुश्किल हो जाती है क्योंकि टाइमिंग खराब होती है, टैलेंट की कमी की वजह से नहीं। वह मेरी फिल्म का हिस्सा होंगे। एक छोटा सा साइनिंग अमाउंट, जिसे भविष्य के काम के साथ एडजस्ट किया जा सकता है, यह चैरिटी नहीं, बल्कि इज्जत है।” उन्होंने आगे कहा कि जब इंडस्ट्री का कोई अपना मुश्किल में हो, तो उसे यह एहसास दिलाना जरूरी है कि वह अकेला नहीं है। इसी तरह इंडस्ट्री एक परिवार होने का मतलब निभाती है।

 

तिहाड़ जाने से पहले राजपाल ने बयां किया दर्द

सोनू सूद का यह बयान ऐसे वक्त में आया है, जब राजपाल यादव का इमोशनल वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बॉलीवुड हंगामा की एक रिपोर्ट के मुताबिक, तिहाड़ जेल में सरेंडर करने से पहले राजपाल यादव ने अधिकारियों के सामने अपनी आर्थिक हालत को लेकर दर्द बयां किया था। कानूनी परेशानियों पर बात करते हुए उन्होंने कहा था, “सर, क्या करूं? मेरे पास पैसे नहीं हैं। कोई रास्ता नजर नहीं आ रहा।” जब उनसे पूछा गया कि उन्होंने इंडस्ट्री के दोस्तों से मदद क्यों नहीं मांगी, तो राजपाल ने कहा, “सर, यहां हम सब अकेले होते हैं। कोई दोस्त नहीं होता। मुझे इस मुश्किल का सामना खुद ही करना होगा।”

 

क्या है पूरा मामला?

राजपाल यादव की कानूनी मुश्किलें साल 2010 से शुरू हुई थीं। उन्होंने अपनी डायरेक्टोरियल डेब्यू फिल्म ‘अता पता लापता’ (2012) के लिए दिल्ली की मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से 5 करोड़ रुपये का लोन लिया था। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर असफल रही और लोन की रकम चुकाई नहीं जा सकी, जिसके बाद मामला कोर्ट तक पहुंच गया। अप्रैल 2018 में मजिस्ट्रेट कोर्ट ने राजपाल यादव और उनकी पत्नी राधा यादव को नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट की धारा 138 के तहत दोषी ठहराया।

 

छह महीने की जेल की सजा

शिकायतकर्ता को दिए गए सात चेक बाउंस होने के बाद कोर्ट ने राजपाल यादव को 6 महीने की साधारण जेल की सजा सुनाई। साल 2019 में सेशन कोर्ट ने भी इस सजा को बरकरार रखा। इसके बाद मामला दिल्ली हाई कोर्ट तक पहुंचा, लेकिन समय के साथ परेशानियां बढ़ती चली गईं। जून 2024 में कोर्ट ने सजा को अस्थायी रूप से सस्पेंड करते हुए बकाया रकम चुकाने के लिए ठोस कदम उठाने का निर्देश दिया। इस दौरान बकाया रकम बढ़कर करीब 9 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। हालांकि बार-बार डेडलाइन मिस होने के कारण कोर्ट का रुख सख्त होता चला गया।

 

क्यों हुआ सरेंडर का आदेश?

अक्टूबर 2025 तक राजपाल यादव ने दो डिमांड ड्राफ्ट के जरिए 75 लाख रुपये जमा किए, लेकिन कोर्ट ने पाया कि बड़ी रकम अब भी बकाया है। इसी आधार पर जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने यह कहते हुए सरेंडर का आदेश दिया कि किसी के साथ, चाहे वह सेलिब्रिटी ही क्यों न हो, हमेशा नरमी नहीं बरती जा सकती। 4 फरवरी 2026 को कोर्ट ने फंड जुटाने के लिए एक हफ्ते की मोहलत मांगने वाली याचिका खारिज कर दी। अदालत ने यह भी कहा कि राजपाल यादव पहले भी करीब 20 बार अपने वादे पूरे करने में नाकाम रहे हैं। अगले दिन वकील की ओर से 25 लाख रुपये का नया चेक और नया भुगतान शेड्यूल पेश किया गया, लेकिन कोर्ट ने सरेंडर ऑर्डर वापस लेने से इनकार कर दिया। इसके बाद 5 फरवरी 2026 को शाम करीब 4 बजे राजपाल यादव ने अपनी छह महीने की सजा काटने के लिए तिहाड़ जेल में सरेंडर कर दिया।

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