सिंध में हिंदू छात्राओं पर दबाव, पढ़ाई जारी रखने के लिए इस्लाम कबूलने की मजबूरी?
सिंध के सरकारी स्कूल में हिंदू छात्राओं पर इस्लाम कबूलने का दबाव परिजनों का दावा, कलमा पढ़ने के लिए मजबूर, मना करने पर घर भेजा मामला बढ़ा तो सरकार ने जांच के आदेश जारी किए

पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों पर अत्याचार की खबरें दशकों से उठती रही हैं, और अब एक बार फिर सिंध से ऐसा मामला सामने आया है जिसने सभी को हैरान कर दिया है। यहां एक सरकारी स्कूल में हिंदू छात्राओं पर कथित तौर पर दबाव बनाया जा रहा है कि वे पढ़ाई जारी रखना चाहती हैं तो इस्लाम धर्म अपना लें।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, सिंध प्रांत के मिरपुर साक्रो स्थित एक सरकारी हाई स्कूल में नवंबर के आखिर में यह घटना सामने आई। हिंदू छात्राओं के परिवारों ने आरोप लगाया है कि स्कूल की प्रिंसिपल ने उनसे कहा कि पढ़ाई जारी रखने के लिए इस्लाम अपनाना पड़ेगा। परिजनों का कहना है कि यह बात छात्राओं ने घर आकर उन्हें बताई।
कलमा पढ़ने का दबाव?
माता-पिता ने बताया कि छात्राओं को जबरन कलमा पढ़ने के लिए कहा जा रहा है। उनके धर्म का मज़ाक उड़ाया गया और जिन्होंने इनकार किया, उन्हें स्कूल से वापस भेज दिया गया। इस घटना के सामने आते ही स्थानीय लोगों में गुस्सा फैल गया है।
सरकार की प्रतिक्रिया
मामले के तूल पकड़ने के बाद धार्मिक मामलों के राज्य मंत्री खीसो मल खील दास ने सीनेट में बताया कि प्रांतीय शिक्षा मंत्री ने इस पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। सरकार का कहना है कि घटना की सत्यता और जिम्मेदारों की भूमिका की बारीकी से जांच की जाएगी।



