सऊदी अरामको की रास तनूरा रिफाइनरी पर ड्रोन हमले की आशंका, अस्थायी बंदी
सऊदी अरामको रिफाइनरी बंद: ड्रोन हमले की आशंका के चलते एहतियातन कार्रवाई वैश्विक तेल बाजार पर असर: कीमतों में उछाल, सप्लाई चेन और महंगाई पर दबाव भू-राजनीतिक चिंता: मध्य पूर्व तनाव और रणनीतिक मार्गों पर जोखिम बढ़ा

सऊदी अरब: दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनियों में से एक Saudi Aramco की रास तनूरा रिफाइनरी सोमवार सुबह कथित ड्रोन हमले की आशंका के चलते एहतियातन अस्थायी रूप से बंद कर दी गई। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम पूरी तरह सावधानी के तहत उठाया गया और हालात पूरी तरह नियंत्रण में हैं। रिफाइनरी परिसर में एक छोटा सा आग लगने की घटना सामने आई थी, जिसे तुरंत काबू में कर लिया गया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पत्रकारों ने बताया कि इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ और बड़े पैमाने पर नुकसान की खबर नहीं है।
रास तनूरा बंद होने से वैश्विक तेल बाजार पर क्या असर होगा?
1. ईंधन और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल: रास तनूरा रिफाइनरी की प्रोसेसिंग क्षमता लगभग 5.5 लाख बैरल प्रतिदिन (bpd) है। अगर यह लंबे समय तक बंद रहती है, तो पेट्रोल, डीजल और जेट फ्यूल की आपूर्ति घट सकती है। इससे ब्रेंट और WTI कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आ सकता है, और आम उपभोक्ताओं के लिए ईंधन महंगा हो जाएगा।
2. वैश्विक सप्लाई चेन पर दबाव: रास तनूरा सऊदी तेल निर्यात का अहम केंद्र भी है। इसके बंद होने से एशिया, यूरोप और अन्य क्षेत्रों में तेल की आपूर्ति बाधित हो सकती है। शिपिंग, एयरलाइंस, मैन्युफैक्चरिंग और लॉजिस्टिक्स लागत बढ़ सकती है।
3. शेयर बाजारों और निवेश पर असर: ऊर्जा कीमतों में बढ़ोतरी से वैश्विक शेयर बाजारों में अस्थिरता आ सकती है। निवेशक सुरक्षित विकल्प जैसे सोना और अमेरिकी डॉलर की ओर रुख कर सकते हैं। ऊर्जा कंपनियों के शेयरों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
4. महंगाई और ब्याज दरों पर प्रभाव: तेल महंगा होने से परिवहन और उत्पादन लागत बढ़ती है। इससे महंगाई तेज हो सकती है और केंद्रीय बैंक ब्याज दरें बढ़ाने का फैसला कर सकते हैं, जो आर्थिक विकास की रफ्तार को धीमा कर सकता है।
5. भू-राजनीतिक तनाव में बढ़ोतरी: अगर बंदी सुरक्षा या हमले के कारण है, तो मध्य पूर्व में तनाव बढ़ सकता है। खासकर Strait of Hormuz जैसे रणनीतिक मार्गों पर जोखिम बढ़ने से वैश्विक ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता बढ़ सकती है।



