मिडिल ईस्ट संकट के बीच पीएम मोदी का कूटनीतिक संवाद, खाड़ी देशों से की सीधी बातचीत

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच पीएम मोदी ने खाड़ी देशों के नेताओं से की अहम बातचीत। प्रवासी भारतीयों की सुरक्षा और क्षेत्रीय शांति पर दिया विशेष जोर। भारत ने संवाद और कूटनीति से समाधान की दोहराई अपील।

Iran crisis: ईरान पर अमेरिका-इजरायल के हमलों के बाद पूरे खाड़ी क्षेत्र में तनाव चरम पर है। हालात जंग जैसे बनते जा रहे हैं। ऐसे समय में प्रधानमंत्री Narendra Modi ने मंगलवार को मिडिल ईस्ट के कई अहम नेताओं से सीधे बातचीत कर स्थिति का जायजा लिया। पीएम मोदी ने कतर, कुवैत और ओमान के राष्ट्राध्यक्षों से फोन पर बात की और इसकी जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर दी। खास बात यह रही कि उन्होंने अपने संदेश अरबी भाषा में साझा किए।

 

कतर, कुवैत और ओमान से सीधी बातचीत

प्रधानमंत्री ने कतर के अमीर Tamim bin Hamad Al Thani, कुवैत के क्राउन प्रिंस Sheikh Sabah Al-Khalid Al-Hamad Al-Mubarak Al-Sabah और ओमान के सुल्तान Haitham bin Tariq से बातचीत की। इस दौरान क्षेत्र में तेजी से बदलते हालात पर चर्चा हुई। पीएम मोदी ने तीनों देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के उल्लंघन की निंदा की और कहा कि भारत इस मुश्किल घड़ी में उनके साथ खड़ा है। साथ ही उन्होंने इन देशों में रह रहे प्रवासी भारतीयों की सुरक्षा और कुशलक्षेम को लेकर विशेष चिंता जताई।

 

प्रवासी भारतीयों की सुरक्षा पर जोर

बातचीत के दौरान पीएम मोदी ने साफ किया कि खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीय समुदाय की सुरक्षा भारत की प्राथमिकता है। नेताओं ने भी भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और सहयोग का भरोसा दिया। भारत ने एक बार फिर कहा कि क्षेत्रीय शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए संवाद और कूटनीति ही सबसे बेहतर रास्ता है।

 

कतर के अमीर से क्या बात हुई?

कतर के अमीर से बातचीत में पीएम मोदी ने कहा कि भारत कतर की संप्रभुता और अखंडता का सम्मान करता है। उन्होंने क्षेत्र में शांति बहाल करने के लिए तत्काल कूटनीतिक प्रयासों की जरूरत पर जोर दिया। साथ ही चुनौतीपूर्ण समय में कतर में भारतीय समुदाय को मिले समर्थन के लिए आभार भी जताया।

 

कुवैत के युवराज से चर्चा

कुवैत के युवराज से हुई बातचीत में भी क्षेत्रीय स्थिरता और शांति बहाल करने पर जोर दिया गया। पीएम मोदी ने कहा कि भारत कुवैत की संप्रभुता के साथ खड़ा है और वहां के लोगों के साथ एकजुटता व्यक्त करता है। उन्होंने कुवैत में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए वहां के नेतृत्व का धन्यवाद भी किया।

 

ओमान के सुल्तान से क्या चर्चा हुई?

ओमान के सुल्तान से बातचीत में पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति पर विस्तार से चर्चा हुई। पीएम मोदी ने कहा कि शांति और स्थिरता की बहाली के लिए लगातार राजनयिक संपर्क जरूरी है। उन्होंने ओमान में भारतीय समुदाय को मिले समर्थन की भी सराहना की।

 

जॉर्डन, बहरीन और सऊदी अरब से भी संपर्क

इससे पहले पीएम मोदी ने जॉर्डन के किंग Abdullah II of Jordan से भी बात की थी। बातचीत में पश्चिम एशिया की बिगड़ती स्थिति पर चिंता जताई गई। इसके अलावा बहरीन और सऊदी अरब के नेताओं से भी चर्चा हुई, जिसमें भारत ने उनकी संप्रभुता पर हुए हमलों की निंदा की और समर्थन दोहराया।

 

भारत का साफ संदेश

इन उच्चस्तरीय संपर्कों से साफ है कि भारत खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच अपने प्रवासी नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहा है। साथ ही भारत ने एक बार फिर दोहराया है कि किसी भी संकट का समाधान संवाद, संयम और कूटनीति से ही संभव है। पश्चिम एशिया में हालात भले ही तनावपूर्ण हों, लेकिन भारत लगातार शांति और स्थिरता की दिशा में सक्रिय कूटनीतिक भूमिका निभा रहा है।

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