मध्य पूर्व में जंग तेज, इराक और UAE में ड्रोन हमले
मध्य पूर्व में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच जंग तेज इराक और UAE में ड्रोन हमले, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा

Iran crisis: मध्य पूर्व में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच इराक और UAE में ताबड़तोड़ हमलों की खबरें सामने आई हैं। मंगलवार सुबह बगदाद में अमेरिकी दूतावास और अल-रशीद होटल पर ड्रोन हमले हुए। एयर डिफेंस सिस्टम ने दूतावास के पास मिसाइल को रोकते हुए तस्वीरों में दिखाई दिया। इराक के गृह मंत्रालय ने कहा कि अल-रशीद होटल पर ड्रोन केवल ऊपरी हिस्से से टकराया, कोई हताहत नहीं हुआ और बड़ी क्षति नहीं हुई। दक्षिणी इराक के मजनून तेल क्षेत्र पर भी हमला हुआ।
हमले और ड्रोन इंटरसेप्शन
इराकी सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, दूतावास को निशाना बनाने वाले 4 ड्रोन को हवाई रक्षा ने पहले ही मार गिराया। दो ड्रोन अबू नुवास स्ट्रीट और ग्रीन जोन में गिरें। अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, बगदाद हवाई अड्डे के पास अमेरिकी राजनयिक केंद्र पर रॉकेटों से भी हमला हुआ। इन हमलों में ईरान समर्थित प्रॉक्सी शामिल थे।
UAE और सऊदी अरब में ड्रोन हमले
UAE के फुजैरा तेल क्षेत्र और शाह गैस क्षेत्र में ड्रोन हमलों के कारण आग लगी, जिससे तेल लोडिंग ऑपरेशंस अस्थायी रूप से रुके। कोई हताहत नहीं हुआ, लेकिन क्षति का आकलन जारी है। सऊदी अरब ने पूर्वी प्रांत और रियाद क्षेत्र में कई ड्रोन सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट कर नष्ट किए। रिपोर्ट में 7 से 34 ड्रोन का जिक्र है। UAE के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान और सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने फोन पर बातचीत कर इस खतरे को क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा के लिए गंभीर बताया और ईरानी हमलों को संप्रभुता का उल्लंघन करार दिया।
जंग की शुरुआत
अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच संघर्ष 28 फरवरी 2026 से शुरू हुआ था। अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हवाई हमले किए, जिसमें ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मारे गए। अमेरिका और इजरायल का मकसद था ईरान के परमाणु कार्यक्रम और बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता को नष्ट करना। ईरान ने पलटवार करते हुए खाड़ी देशों UAE, बहरीन, कुवैत, कतर और सऊदी अरब पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए।



