भारत की मानवीय मदद: अफगानिस्तान और श्रीलंका के लिए बड़ा कदम
भारत ने अफगानिस्तान और श्रीलंका को बड़ी मानवीय मदद भेजी राहत सामग्री में दवाइयों से लेकर जरूरी सामान तक शामिल नेबरहुड फर्स्ट नीति ने फिर दिखाया भारत का मानवीय नेतृत्व

भारत ने एक बार फिर साबित किया है कि पड़ोसी देशों के संकट में वह हमेशा सबसे पहले खड़ा होता है। पिछले कुछ दिनों में भारत ने अफगानिस्तान को 73 टन जरूरी दवाइयाँ और राहत सामग्री भेजी है, वहीं श्रीलंका में भारी बारिश और बाढ़ से प्रभावित लोगों के लिए भारतीय वायुसेना का सी-130J सुपर हरक्यूलिस विमान राहत सामग्री लेकर कोलंबो पहुंचा।यह कदम भारत की ‘नेबरहुड फर्स्ट’ नीति और मानवीय परंपरा को फिर से मजबूत करता है। अफगानिस्तान और श्रीलंका से लोग भारत की इस मदद की जमकर सराहना कर रहे हैं। एक अफगान नागरिक ने लिखा “एक ही दिल है, कितनी बार जीतोगे डियर इंडिया?”
अफगानिस्तान को भेजी गई मदद, क्या-क्या शामिल था?
भारत ने अफगानिस्तान के लिए कुल 73 टन राहत सामग्री भेजी। इसमें शामिल था: जीवन रक्षक दवाएँ, कोविड-19 वैक्सीन, एंटी-वायरल मेडिसिन, सर्जिकल उपकरण, अस्पतालों के लिए जरूरी मेडिकल सप्लाई, यह सारी सामाग्री खास तौर पर काबुल और कंधार के अस्पतालों के लिए भेजी गई, जहाँ पहले से ही स्वास्थ्य सेवाएँ कमजोर हैं। विदेश मंत्रालय ने बताया कि यह मदद अफगानिस्तान के लोगों के प्रति भारत की लगातार प्रतिबद्धता का हिस्सा है। पिछले चार वर्षों में भारत 50,000 टन गेहूं, 400 टन से ज्यादा दवाइयाँ, और कई बार वैक्सीन भेज चुका है। भारत ने यह भी स्पष्ट किया है कि उसकी हर मदद अफगान जनता के लिए है, किसी राजनीतिक समूह के लिए नहीं।
श्रीलंका के बाढ़ पीड़ितों के लिए बड़ी राहत
श्रीलंका में भारी बारिश और बाढ़ ने हजारों परिवारों को प्रभावित किया है। कई लोग बेघर हो गए हैं और बुनियादी सुविधाएँ ठप हैं। इस स्थिति में भारत ने तुरंत मदद भेजी। भारतीय वायुसेना के सी-130J विमान ने 15 टन से अधिक राहत सामग्री कोलंबो पहुंचाई। इसमें शामिल था: टेंट, तिरपाल, कंबल, हाइजीन किट, पानी शुद्ध करने की गोलियाँ, सोलर लैंप, और दूसरी जरूरी सामग्री। यह सामान श्रीलंका के राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन केंद्र को सौंपा गया, जो इसे प्रभावित इलाकों में बांट रहा है। बाढ़ और भूस्खलन की वजह से अब तक 80 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और 1.5 लाख से अधिक लोग प्रभावित हैं।
पड़ोसियों के लिए भारत हमेशा आगे
विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत अपने पड़ोसियों के सुख-दुख में हमेशा साथ खड़ा रहता है, चाहे भूकंप हो, सुनामी हो या बाढ़।श्रीलंका के साथ भारत के संबंध हमेशा से विशेष रहे हैं। 2022 के आर्थिक संकट में भारत ने 4 बिलियन डॉलर से ज्यादा की मदद दी थी। अफगानिस्तान और श्रीलंका को भेजी गई यह मदद भारत की सॉफ्ट पावर, भरोसेमंद छवि और मानवीय नेतृत्व को और मजबूत करती है। जब दुनिया के कई बड़े देश अपने घरेलू मुद्दों में उलझे हैं, तब भारत बिना किसी शर्त के मदद करने का अपना वादा निभा रहा है।



