बांग्लादेश संकट के बीच भारत सतर्क, पूर्वी आर्मी कमांडर का सीमा दौरा
बांग्लादेश में हिंसा और भारत विरोधी प्रदर्शनों के बीच हालात तनावपूर्ण शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद सीमा पर बढ़ी सतर्कता पूर्वी आर्मी कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल आर. सी. तिवारी ने बॉर्डर का किया दौरा

भारत के पड़ोसी देश बांग्लादेश में हालात तेजी से बिगड़ते जा रहे हैं। पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के खिलाफ हुए आंदोलन के प्रमुख नेता शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद देश के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन और हिंसा की घटनाएं सामने आ रही हैं। हालात इतने तनावपूर्ण हो गए हैं कि इससे पहले ढाका स्थित भारतीय उच्चायोग पर हमले की कोशिश भी की जा चुकी है। सड़कों पर उतरी भीड़ खुलकर भारत विरोधी नारे लगा रही है।
भारत ने बढ़ाई सीमा पर सुरक्षा तैयारियां
बांग्लादेश में बढ़ते तनाव को देखते हुए अब भारत ने भी अपनी सुरक्षा तैयारियां तेज कर दी हैं। भारतीय सेना के पूर्वी कमान के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल आर. सी. तिवारी ने वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के साथ भारत-बांग्लादेश सीमा का दौरा किया। खास बात यह रही कि एक ही दिन में वह बांग्लादेश से सटी दो अलग-अलग सीमाओं पर पहुंचे और वहां तैनात सुरक्षा बलों के साथ हालात की समीक्षा की।
मिज़ोरम में असम राइफल्स और बीएसएफ बेस का निरीक्षण
लेफ्टिनेंट जनरल तिवारी ने मिज़ोरम के परवा इलाके में स्थित असम राइफल्स और सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की कंपनी ऑपरेटिंग बेस का भी निरीक्षण किया। ये इकाइयां स्पीयर कोर के तहत भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय सीमा की सुरक्षा में तैनात हैं। इस दौरान उन्होंने बीएसएफ और असम राइफल्स के अधिकारियों के साथ सिक्योरिटी रिव्यू मीटिंग भी की।
सीमा पर ऑपरेशनल तैयारियों की समीक्षा
दौरे के दौरान सेना कमांडर को सीमा पर मौजूदा सुरक्षा व्यवस्था, निगरानी सिस्टम और किसी भी संभावित चुनौती से निपटने की तैयारियों की विस्तृत जानकारी दी गई। उन्होंने जवानों की ऑपरेशनल तैयारियों का जायजा लिया और सीमा पर हर स्थिति से निपटने के लिए सतर्क रहने के निर्देश दिए।



