फिरोजपुर फीडर नहर के रेनोवेशन से मालवा को मिली नई जीवनधारा: सीएम भगवंत मान
मालवा की लाइफलाइन बनी फिरोजपुर फीडर नहर सिंचाई क्षमता में 2681 क्यूसिक की ऐतिहासिक बढ़ोतरी पानी के मुद्दे पर पंजाब सरकार का सख्त रुख

मक्खू, 25 फरवरी, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज फिरोजपुर फीडर नहर के रेनोवेशन के पहले फेज़ का उद्घाटन किया और इसे किसानों के लिए एक ऐतिहासिक तोहफ़ा बताया। उन्होंने कहा कि यह ऐतिहासिक कदम भविष्य में पंजाब के पानी को बचाने के लिए एक ऐतिहासिक कदम सिद्ध होगा। इस नहर को मालवा क्षेत्र की लाइफलाइन बताते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह प्रोजेक्ट फिरोजपुर, फरीदकोट, श्री मुक्तसर साहिब और फाजिल्का जिलों के लिए वरदान सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि इस प्रोजेक्ट से सिंचाई की क्षमता बढ़ी है, जिससे पंजाब के खेतों तक नहर का पानी और पहुंचेगा। 180 करोड़ रुपये की लागत वाले इस प्रोजेक्ट से इस नहर की क्षमता 2681 क्यूसिक बढ़ गई है, जिससे इसकी क्षमता 11,192 क्यूसिक से बढ़कर 13,873 क्यूसिक हो गई है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पिछली सरकारें 74 साल तक नहर की कैपेसिटी बढ़ाने या कंक्रीट लाइनिंग करने में नाकाम रहीं, लेकिन मौजूदा सरकार ने ज़मीनी स्तर पर बड़े सुधार किए हैं। उन्होंने कहा कि जब उनकी सरकार सत्ता में आई थी, तब पंजाब के खेतों तक सिर्फ़ 21 प्रतिशत नहरी पानी पहुंचता था, जबकि आज यह 68 प्रतिशत पहुँच रहा है, जिससे पूरे राज्य में सिंचाई सिस्टम में बड़ा सुधार हुआ है।
सिंचाई क्षमता में ऐतिहासिक बढ़ोतरी
मुख्यमंत्री ने बताया कि पहले फेज़ पर 180 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं और 35 दिनों के भीतर 15 किलोमीटर नहर की लाइनिंग युद्ध स्तर पर पूरी की गई। इस कार्य में 126 सरकारी कर्मचारी और लगभग 4,000 मजदूर लगाए गए। नहर की गहराई 18 फीट से बढ़ाकर 21 फीट और चौड़ाई 163 फीट से बढ़ाकर 180 फीट कर दी गई है। पहले 11,192 क्यूसिक क्षमता वाली यह नहर अब 13,873 क्यूसिक क्षमता के साथ अधिक पानी सप्लाई कर सकेगी।
चार जिलों के 14 ब्लॉकों को सीधा लाभ
हरिके हेडवर्क्स से शुरू होने वाली यह नहर फिरोजपुर, फरीदकोट, श्री मुक्तसर साहिब और फाजिल्का जिलों को सिंचाई सुविधा देती है। रेनोवेशन से गिद्दड़बाहा, मक्खू, ममदोट, बल्लूआना, जलालाबाद, गुरु हर सहाय, अरनीवाला, खुइयां सरवर, लंबी, मलोट, फाजिल्का, मुक्तसर और फिरोजपुर समेत 14 ब्लॉकों को सीधा लाभ मिलेगा। करीब 6,45,200 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई का पानी उपलब्ध होगा।
सीमावर्ती क्षेत्रों को राहत और वॉटर रिचार्ज
मुख्यमंत्री ने कहा कि इंटरनेशनल बॉर्डर से सटे क्षेत्रों, खासकर फाजिल्का और जलालाबाद को अब बेहतर जल आपूर्ति मिलेगी। पहले गंदे पानी की समस्या सीमावर्ती गांवों में आती थी, लेकिन अब ग्राउंडवॉटर बढ़ाने और साफ पानी देने के लिए वॉटर रिचार्ज सिस्टम शुरू किया गया है। उन्होंने बताया कि 532 किलोमीटर लंबे भारत-पाक बॉर्डर क्षेत्र में फेंस शिफ्ट करने को सैद्धांतिक मंजूरी मिली है, जिससे किसानों को बड़ी राहत मिलेगी।
SYL और पानी के बंटवारे पर सख्त रुख
सतलुज-यमुना लिंक नहर (SYL) मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने दोहराया कि पंजाब के पास किसी अन्य राज्य को देने के लिए सरप्लस पानी नहीं है। उन्होंने कहा कि राज्य के हित सर्वोपरि हैं और पानी की एक बूंद भी बाहर नहीं जाने दी जाएगी।
पिछली सरकारों पर हमला
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कांग्रेस और अकाली दल पर निशाना साधते हुए कहा कि 74 वर्षों में नहर की क्षमता बढ़ाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों ने निजी स्वार्थ के लिए राज्य के हितों से समझौता किया।
नहर प्रणाली के पुनर्जीवन पर 6,500 करोड़ खर्च
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने नहर प्रणाली को पुनर्जीवित करने के लिए 6,500 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। 1,365 गांवों तक पहली बार नहरी पानी पहुंचा है। 6,900 किलोमीटर लंबाई के 18,349 रजवाहों को दोबारा चालू किया गया है और धान सीजन तक नहरी पानी के उपयोग को 85 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य है।
हेल्थ, रोजगार और ड्रग्स के खिलाफ अभियान
मुख्यमंत्री ने बताया कि 881 आम आदमी क्लीनिक खोले गए हैं और मुख्यमंत्री सेहत बीमा योजना के तहत प्रत्येक परिवार को 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज दिया जा रहा है। 63,000 से अधिक युवाओं को पारदर्शी तरीके से सरकारी नौकरियां दी गई हैं। ड्रग्स के खिलाफ ‘युद्ध नशेयां विरुद्ध’ अभियान के तहत ड्रग माफिया पर सख्त कार्रवाई की जा रही है। इस अवसर पर जल संसाधन मंत्री बरिंदर गोयल, सामाजिक सुरक्षा मंत्री डॉ. बलजीत कौर और कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुडियां भी मौजूद रहे।



