दिल्ली-राजस्थान पुलिस की बड़ी कार्रवाई, लॉरेंस बिश्नोई गैंग का वांटेड शूटर गिरफ्तार

दिल्ली क्राइम ब्रांच और राजस्थान पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में बड़ी कामयाबी लॉरेंस बिश्नोई गैंग का सक्रिय शूटर प्रदीप उर्फ गोलू दिल्ली से गिरफ्तार 4 करोड़ की रंगदारी, फायरिंग और हथियार सप्लाई मामले में था वांटेड

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने राजस्थान पुलिस के साथ मिलकर एक बड़ी सफलता हासिल की है। संयुक्त ऑपरेशन के तहत लॉरेंस बिश्नोई गैंग के वांटेड शूटर प्रदीप शर्मा उर्फ गोलू को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी की उम्र 23 साल बताई जा रही है। वह मूल रूप से आगरा, उत्तर प्रदेश का रहने वाला है और पिछले कुछ समय से दिल्ली के उत्तम नगर इलाके में छिपकर रह रहा था। दिल्ली क्राइम ब्रांच की एंटी-गैंगस्टर स्क्वाड (AGS) को दिल्ली और आसपास के राज्यों में सक्रिय कुख्यात गैंगस्टरों पर नजर रखने की जिम्मेदारी दी गई थी। इसी दौरान 16 जनवरी को टीम को गुप्त सूचना मिली कि लॉरेंस बिश्नोई गैंग का एक वांटेड शूटर उत्तम नगर में छिपा हुआ है। सूचना मिलते ही क्राइम ब्रांच ने राजस्थान पुलिस से संपर्क कर संयुक्त छापेमारी की और प्रदीप उर्फ गोलू को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में सामने आया कि प्रदीप लॉरेंस बिश्नोई गैंग का सक्रिय सदस्य है और राजस्थान के श्रीगंगानगर इलाके में गैंग की आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देता था। प्रारंभिक पूछताछ के बाद आरोपी को आगे की जांच के लिए राजस्थान पुलिस के हवाले कर दिया गया है।

 

4 करोड़ की रंगदारी और फायरिंग का मामला

पुलिस के मुताबिक, मार्च 2025 में लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने राजस्थान के श्रीगंगानगर के जवाहर नगर इलाके में रहने वाले एक व्यापारी से 4 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी थी। जब व्यापारी ने पैसे देने से इनकार कर दिया, तो गैंग ने उसे डराने के लिए फायरिंग की साजिश रची। इस वारदात को अंजाम देने की जिम्मेदारी प्रदीप उर्फ गोलू को दी गई थी। मई 2025 में उसने अपने साथियों के साथ मिलकर व्यापारी के घर पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाई थीं।

 

जमानत के बाद भी जारी रहा अपराध

फायरिंग के मामले में गिरफ्तारी के बाद प्रदीप जमानत पर बाहर आ गया था, लेकिन उसने अपराध की दुनिया से नाता नहीं तोड़ा। जमानत के दौरान वह लॉरेंस बिश्नोई गैंग के अन्य सदस्यों को अवैध हथियार और गोला-बारूद की सप्लाई करने लगा। हाल ही में राजस्थान पुलिस ने गैंग के चार सदस्यों को भारी मात्रा में हथियारों के साथ गिरफ्तार किया था। जांच में खुलासा हुआ कि इन हथियारों की सप्लाई का मुख्य स्रोत प्रदीप उर्फ गोलू ही था। इसी कड़ी में पुलिस ने उसे फिर से गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है और पुलिस को उम्मीद है कि इससे लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े कई और अहम खुलासे हो सकते हैं।

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