दलित महिला की हत्या, बेटी का अपहरण: मेरठ के कपसाड गांव में सनसनी
मेरठ के कपसाड गांव में दलित महिला की हत्या, बेटी का अपहरण शव गांव पहुंचते ही भड़के लोग, एंबुलेंस में तोड़फोड़ आरोपी फरार, भारी पुलिस बल तैनात, सियासत भी गरमाई

मेरठ के सरधना थाना क्षेत्र के कपसाड गांव में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। गांव के ही एक दबंग युवक ने दलित महिला की बेरहमी से हत्या कर दी और उसकी बेटी का अपहरण कर मौके से फरार हो गया। इस वारदात के बाद पूरे गांव में तनाव और आक्रोश का माहौल है। हालात को देखते हुए गांव में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
गांव में तनाव, एंबुलेंस में तोड़फोड़
घटना के बाद जब महिला का शव एंबुलेंस से गांव लाया गया, तो गुस्साए ग्रामीणों ने एंबुलेंस में तोड़फोड़ कर दी। पुलिस शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजना चाहती है, लेकिन परिजन और ग्रामीण शव उठाने से इनकार कर रहे हैं और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।
एक ही गांव के हैं आरोपी और पीड़ित
आरोपी और पीड़ित परिवार दोनों एक ही गांव के रहने वाले हैं। पुलिस ने अपहरण और हत्या के आरोपी के दादा-दादी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है, जबकि आरोपी के माता-पिता और भाई घटना के बाद से फरार बताए जा रहे हैं।
मजदूरी कर चलता था पीड़ित परिवार
पीड़ित परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है। सत्येंद्र कुमार मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं। परिवार में उनकी पत्नी सुनीता, तीन बेटे और एक बेटी रुबी है। आर्थिक तंगी के चलते रुबी को करीब ढाई साल पहले पढ़ाई छोड़नी पड़ी थी। परिवार में उसकी शादी को लेकर बातचीत चल रही थी।
खेत जाते वक्त वारदात को दिया अंजाम
घटना मंगलवार सुबह की है। बताया जा रहा है कि सुनीता अपनी बेटी रुबी के साथ खेत जा रही थीं, तभी रास्ते में पहले से मौजूद आरोपी पारस ने उन्हें रोक लिया और बदतमीजी करने लगा। सुनीता के विरोध करने पर आरोपी ने गाली-गलौज शुरू कर दी और फरसे से महिला के सिर पर हमला कर दिया।
बेटी को जबरन बाइक पर बैठाकर फरार
हमले के बाद आरोपी ने रुबी को जबरन बाइक पर बैठाया और मौके से फरार हो गया। शोर सुनकर आसपास के लोग पहुंचे और गंभीर रूप से घायल सुनीता को इलाज के लिए मोदीपुरम स्थित एसडीएस ग्लोबल अस्पताल ले जाया गया।
इलाज के दौरान महिला की मौत
डॉक्टर ऑपरेशन की तैयारी कर रहे थे, लेकिन इलाज के दौरान सुनीता की मौत हो गई। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार महिला की हालत बेहद नाजुक थी, बीपी लगातार गिर रहा था और स्थिति संभल नहीं पा रही थी।
मरने से पहले दिया अहम बयान
मौत से पहले सुनीता ने बयान दिया था कि हमले के बाद वह मौके पर गिर गई थीं और उसी दौरान आरोपी उनकी बेटी को जबरन उठाकर ले गया।
कंपाउंडर है आरोपी पारस
आरोपी की पहचान पारस के रूप में हुई है, जो गांव में ही एक डॉक्टर के यहां कंपाउंडर का काम करता है। बताया जा रहा है कि आरोपी और युवती एक-दूसरे को पहले से जानते थे। पारस तीन भाइयों में सबसे छोटा है।
आरोपी का पूरा परिवार फरार
घटना के बाद से आरोपी के माता-पिता और दोनों भाई फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है। अखिलेश यादव ने सरकार पर कसा तंज, इस सनसनीखेज घटना को लेकर सियासत भी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया के जरिए सरकार और कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं।
पुलिस की तलाश जारी
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और अपहृत लड़की की बरामदगी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।



