चीन ने कंडोम पर टैक्स क्यों लगाया? दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी आबादी वाले देश की नई जनसंख्या नीति समझिए
चीन ने कंडोम और गर्भनिरोधक दवाओं पर 13% टैक्स लगाकर नई जनसंख्या नीति लागू की है। सरकार जन्मदर बढ़ाना चाहती है, लेकिन एक्सपर्ट्स अनचाहे गर्भ और STDs बढ़ने की चेतावनी दे रहे हैं। भारत से पिछड़ने के बाद चीन दोबारा आबादी बढ़ाने की कोशिशों में जुट गया है।

दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी आबादी वाला देश चीन अब तीन दशक से ज्यादा समय बाद पहली बार गर्भनिरोधक दवाओं और उत्पादों पर VAT वसूलेगा। इसमें कंडोम पर 13% टैक्स भी शामिल है। सरकार का मकसद साफ है, लोग कम गर्भनिरोधक इस्तेमाल करें और जन्मदर बढ़े। यह वही चीन है जिसने कभी देश में एक से ज्यादा बच्चे पैदा करने पर भारी जुर्माने, पाबंदियां और जबरन गर्भपात तक कर दिए थे। लेकिन भारत के जनसंख्या में आगे निकलने के बाद चीन फिर से अपनी आबादी में बढ़ोतरी चाहता है।
कंडोम पर टैक्स क्यों लगाया गया?
चीन गर्भनिरोधकों को अब कर-मुक्त श्रेणी से बाहर कर रहा है। 1 जनवरी से कंडोम और अन्य गर्भनिरोधक उत्पादों पर 13% VAT लगेगा। सरकार का तर्क है कि यह नीति जन्मदर बढ़ाने के प्रयासों का हिस्सा है। लेकिन सवाल यही है कि चीन को अचानक से आबादी बढ़ाने की जरूरत क्यों पड़ गई?
कंडोम महंगे होंगे तो क्या होगा? खतरे भी बढ़ सकते हैं
एक्सपर्ट्स कह रहे हैं कि गर्भनिरोधक महंगे होने से देश में अनचाहे गर्भ, STDs, HIV/AIDS, और गर्भपात, की संख्या बढ़ सकती है। पहले चीन में कई गर्भनिरोधक मुफ्त भी मिल जाते थे। ऐसे में कई लोग सरकार के इस कदम से नाराज हैं। एक महिला ने कहा: “हमसे पहले जबरन गर्भपात करवाए, अब जबरन बच्चे पैदा करवाना चाहते हैं। यह बेहद गलत है।”
चीन अपनी आबादी क्यों बढ़ाना चाहता है?
2024 में चीन में सिर्फ 95 लाख बच्चों का जन्म हुआ। 2019 में यह संख्या 1.47 करोड़ थी। यानी जन्मदर करीब एक-तिहाई गिर गई। इसके कारण: देश में वर्कफोर्स घट रही है, बुजुर्ग आबादी तेजी से बढ़ रही है, अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ रहा है, इसी वजह से 2023 में भारत ने चीन को पीछे छोड़कर दुनिया की सबसे बड़ी आबादी वाला देश बन गया। लेकिन एक्सपर्ट्स मानते हैं कि सिर्फ टैक्स बढ़ाने से बच्चे पैदा नहीं होंगे, क्योंकि बच्चे पालने का खर्च बहुत ज्यादा है।
चीन में गर्भनिरोधक का इस्तेमाल कैसे होता है?
गेट्स फाउंडेशन की रिपोर्ट के मुताबिक चीन में: सिर्फ 9% जोड़े कंडोम इस्तेमाल करते हैं, 44% महिलाएं IUD का उपयोग करती हैं, 30% महिला नसबंदी, 4.7% पुरुष नसबंदी करवाते हैं, महिलाएं कह रही हैं कि सरकार एक बार फिर उनके शरीर और प्रजनन के अधिकार पर दखल दे रही है।
चीन में कंडोम की खपत कितनी है?
IndexBox की रिपोर्ट बताती है कि चीन में 2020 में 5.4 अरब कंडोम इस्तेमाल हुए, और यह आंकड़ा लगातार बढ़ रहा था। लेकिन कीमत बढ़ने से गरीब तबके की पहुंच कम हो सकती है, जिससे अनचाही गर्भावस्था और STDs का खतरा बढ़ेगा।
दुनिया में सबसे ज्यादा गर्भपात चीन में
2014–2021 के बीच चीन में हर साल 90–100 लाख गर्भपात हुए। असली संख्या इससे भी ज्यादा हो सकती है क्योंकि कई लोग अवैध क्लिनिक में जाते हैं। 2022 के बाद चीन ने गर्भपात के आंकड़े जारी करना बंद कर दिया। 2024 में STDs के मामले: गोनोरिया – 1 लाख+ मरीज, सिफलिस – 6.7 लाख मरीज, HIV/AIDS – 14 लाख मरीज (ज्यादातर बुजुर्ग)।



