करोड़ों की ऑनलाइन ठगी का भंडाफोड़, हरियाणा का डॉक्टर समेत 9 गिरफ्तार

45 दिनों में 209 करोड़ की ऑनलाइन ठगी का खुलासा हरियाणा का डॉक्टर ‘डॉ. मॉर्फिन’ निकला मास्टरमाइंड 835 फर्जी बैंक खातों के जरिए चलता था स्कैम नेटवर्क

जम्मू कश्मीर: पुलिस ने गंदेरबल से संचालित हो रहे एक बड़े फिशिंग और नकली ट्रेडिंग रैकेट का पर्दाफाश किया है। इस मामले में हरियाणा के एक डॉक्टर समेत कुल 9 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। यह गिरोह paisavault.com जैसी फर्जी वेबसाइटों के जरिए लोगों को निवेश का झांसा देता था। जांच में अब तक 835 फर्जी बैंक खाते और 290 वेरिफाइड अकाउंट सामने आए हैं। पुलिस के अनुसार, सिर्फ पिछले 45 दिनों में देशभर के निवेशकों से करीब 209 करोड़ रुपये वसूले गए। पूरी जांच के बाद यह रकम 400 करोड़ रुपये से भी ज्यादा होने की आशंका है।

 

ठगी का नेटवर्क कई राज्यों तक फैला

पुलिस जांच में सामने आया है कि इस गिरोह ने बडगाम, श्रीनगर, गंदेरबल और बारामूला समेत कई इलाकों के बैंक खातों का इस्तेमाल किया। ठग पैसे को अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर उसे क्रिप्टो में बदलते थे। टेलीग्राम चैनलों के जरिए QR कोड शेयर कर लोगों से रकम मंगाई जाती थी और फिर उसे विदेशों तक भेजा जाता था। इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड हरियाणा के हिसार का एकांत योगदत्त है, जिसे ‘डॉ. मॉर्फिन’ के नाम से भी जाना जाता है। वह फिलीपींस में MBBS की पढ़ाई के दौरान विदेशी संपर्क में आया था। चीन से लौटते समय उसे दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा कश्मीर से जुड़े आठ अन्य ऑपरेटिव भी पकड़े गए हैं। जांच में यह भी पता चला है कि कई BPL खाताधारकों के बैंक खाते इस ठगी में इस्तेमाल किए गए। पुलिस ने करीब 200 एटीएम/डेबिट कार्ड, विदेशी मुद्रा और कुछ बैंक कर्मचारियों की संदिग्ध भूमिका के सुराग भी जुटाए हैं।

 

शिकायत के बाद बनी एसआईटी

यह पूरा मामला फिरदौस अहमद मीर की शिकायत के बाद सामने आया। गांदरबल पुलिस ने जांच शुरू की और एसएसपी खालिद अहमद पोसवाल ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एसआईटी का गठन किया। जांच में खुलासा हुआ कि सोशल मीडिया और गूगल पर फर्जी निवेश वेबसाइटों के जरिए लोगों को लुभाया जाता था। जब कोई व्यक्ति इन प्लेटफॉर्म्स पर पैसा लगाता था, तो रकम सीधे ठगों के नियंत्रण वाले खातों में पहुंच जाती थी।

 

मुख्य आरोपी दिल्ली से दबोचा गया

पुलिस के मुताबिक, एकांत योगदत्त ने मोहम्मद इब्राहिम शाह उर्फ यावर, नासिर अहमद गनी, मकसूद अहमद उर्फ डॉ. अल्बर्ट, तनवीर अहमद उर्फ डॉ. मार्टिन, तौसीफ अहमद मीर, खुर्शीद अहमद और इश्फाक अहमद के साथ मिलकर इस साजिश को अंजाम दिया। ये सभी क्षेत्रीय प्रभारी और खातों के संचालक के रूप में काम कर रहे थे। मुख्य आरोपी को दिल्ली एयरपोर्ट से पकड़ा गया, जबकि अन्य आरोपियों को कश्मीर के अलग-अलग इलाकों से गिरफ्तार किया गया है। फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है और आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे होने की संभावना है।

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