ऑस्ट्रेलिया में विवाद में फंसी ईरान की महिला फुटबॉल टीम, राष्ट्रगान गाने से किया इनकार; शरण देने की उठी मांग
ईरान की महिला फुटबॉल टीम ने मैच से पहले राष्ट्रगान गाने से किया इनकार। रजा पहलवी और जे.के. रोलिंग ने ऑस्ट्रेलिया से खिलाड़ियों को शरण देने की मांग की। स्टेडियम के बाहर लगे “हमारी लड़कियों को बचाओ” और शासन परिवर्तन के नारे।

अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच ऑस्ट्रेलिया से एक बड़ी खबर सामने आई है। एशियाई कप खेलने ऑस्ट्रेलिया पहुंची ईरान की महिला फुटबॉल टीम विवादों में घिर गई है। दरअसल टीम की खिलाड़ियों ने मैच से पहले ईरान का राष्ट्रगान गाने से इनकार कर दिया। इसके बाद उनके लिए सुरक्षा और शरण (असाइलम) देने की मांग तेज हो गई है।
शरण देने की उठी मांग
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान के निर्वासित क्राउन प्रिंस रजा पहलवी और मशहूर लेखक जे.के. रोलिंग समेत कई मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने ऑस्ट्रेलिया सरकार से अपील की है कि इन खिलाड़ियों को सुरक्षा दी जाए। अमेरिका में रहने वाले रजा पहलवी का कहना है कि ईरानी महिला फुटबॉल टीम की खिलाड़ी इस्लामिक गणराज्य के दबाव और खतरे में हैं। ऐसे में ऑस्ट्रेलिया को उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए।
राष्ट्रगान न गाने से बढ़ा विवाद
बताया जा रहा है कि 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई शुरू होने के दो दिन बाद ऑस्ट्रेलिया में ईरान और साउथ कोरिया के बीच मैच हुआ था। इस मैच से पहले ईरानी खिलाड़ियों ने राष्ट्रगान गाने से इनकार कर दिया, जिसे ईरान की सरकार के खिलाफ विरोध के तौर पर देखा गया। इसके बाद ईरान के सरकारी टीवी के एक एंकर ने टीम को “युद्धकालीन गद्दार” तक कह दिया।
स्टेडियम के बाहर लगे नारे
ऑस्ट्रेलिया के गोल्ड कोस्ट स्टेडियम के बाहर बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हुए और “ईरान में शासन परिवर्तन” तथा “हमारी लड़कियों को बचाओ” जैसे नारे लगाए। रिपोर्ट्स के मुताबिक फिलहाल ईरानी महिला टीम के खिलाड़ी ऑस्ट्रेलिया में ही अपने होटल में ठहरे हुए हैं और उनकी स्थिति पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नजर बनी हुई है।



