इंसान के शरीर में लगाई गई सुअर की किडनी, अमेरिका में शुरू हुआ पहला क्लीनिकल ट्रायल

मेडिकल साइंस में नई क्रांति, अब इंसान के शरीर में सुअर की किडनी ट्रांसप्लांट का ट्रायल शुरू। अमेरिका की यूनाइटेड थेरेप्यूटिक्स कंपनी ने किया पहला सफल प्रत्यारोपण। डॉक्टरों के मुताबिक शुरुआती नतीजे उम्मीद जगाने वाले, 271 दिन तक मरीज जीवित रहा।

वाशिंगटन: मेडिकल साइंस अब इतनी आगे बढ़ चुकी है कि इंसान की जान बचाने के लिए सुअर की किडनी भी इस्तेमाल की जा सकती है। अमेरिका में पहली बार क्लीनिकल ट्रायल शुरू किया गया है, जिसमें सुअर की किडनी इंसान के शरीर में ट्रांसप्लांट की जा रही है। कुछ मरीजों पर यह प्रयोग पहले भी किया गया था, लेकिन कुछ समय बाद उन्हें फिर से डायलिसिस पर लौटना पड़ा। अब यह जांच की जा रही है कि क्या सुअर की किडनी वास्तव में इंसान के जीवन को लंबे समय तक बचा सकती है।

 

United Therapeutics के इस परीक्षण में 10 जीन एडिटेड सुअर की किडनी का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिसमें उन जीनों को हटाया गया है जो अंग रिजेक्शन और अत्यधिक वृद्धि को ट्रिगर करते हैं। साथ ही, कुछ मानव जीन जोड़े गए हैं ताकि किडनी की कार्यक्षमता बढ़ाई जा सके।एक और अमेरिकी कंपनी eGenesis भी जल्द ही इसी तरह का ट्रायल शुरू करने जा रही है। यह दुनिया में जेनोट्रांसप्लांटेशन (जानवर से इंसान में अंग प्रत्यारोपण) के पहले क्लीनिकल परीक्षणों में से एक है।ट्रांसप्लांट टीम के प्रमुख डॉ. रॉबर्ट मोंटगोमरी (NYU) के अनुसार, शुरुआती परीक्षण में छह मरीज शामिल होंगे, और सफल रहने पर संख्या बढ़ाकर 50 तक की जा सकती है।

 

अब तक एक महिला 130 दिन तक सुअर की किडनी के साथ जीवित रही, जबकि न्यू हैम्पशायर के एक व्यक्ति ने 271 दिन का नया रिकॉर्ड बनाया। हालांकि बाद में दोनों को दोबारा डायलिसिस की जरूरत पड़ी। डॉ. मोंटगोमरी का कहना है, “हर मरीज से हमें नई जानकारी मिल रही है, और यह दिखाता है कि हम सही दिशा में बढ़ रहे हैं।”

 

कंपनी United Therapeutics ने सोमवार को बताया कि NYU लैंगोन हेल्थ में पहला सफल ट्रांसप्लांट किया गया है — यह इंसान में सुअर के अंग लगाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।

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