अखिलेश यादव का योगी पर तंज: “जापान का नाम बदलकर आदित्यपुर न रख दें”
योगी के जापान दौरे पर अखिलेश का कटाक्ष एमओयू साइनिंग और निवेश पर सियासी बयानबाज़ी यूपी-जापान सहयोग और ग्रीन हाइड्रोजन पर चर्चा

कानपुर (उत्तर प्रदेश), 26 फरवरी: समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बुधवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जापान दौरे को लेकर तंज कसा। कानपुर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने प्रदेश में स्थानों के नाम बदलने के मुद्दे पर कटाक्ष किया और कहा कि उन्हें उम्मीद है कि “नाम बदलने वाले” मुख्यमंत्री जापान का नाम बदलकर वापस नहीं आएंगे। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि “कोई जापान गया है और एमओयू साइन कर रहा है। जापान को निप्पॉन भी कहा जाता है। उम्मीद है कि वहां के लोग घबराएंगे नहीं कि कोई नाम बदलने वाला मुख्यमंत्री आया है और कहीं जापान का नाम आदित्यपुर या आदित्यपुरम न रख दें।”
जापान दौरे का कार्यक्रम
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 25-26 फरवरी को दो दिवसीय आधिकारिक दौरे पर जापान में हैं। सिंगापुर यात्रा के बाद शुरू हुए इस दौरे के दौरान वे निवेश, औद्योगिक सहयोग और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के उद्देश्य से कई उच्चस्तरीय बैठकों में हिस्सा ले रहे हैं। इस यात्रा को उत्तर प्रदेश में विदेशी निवेश आकर्षित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
टोक्यो में उच्चस्तरीय बैठक
टोक्यो में मुख्यमंत्री योगी ने जापान के पूर्व अर्थव्यवस्था, व्यापार एवं उद्योग मंत्री निशिमुरा यासुतोशी से मुलाकात की। इस बैठक में भारत-जापान संबंधों के व्यापक ढांचे के तहत उत्तर प्रदेश-जापान सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर बताया कि वार्ता का केंद्र बिंदु संस्थागत साझेदारी, आर्थिक सहयोग और लोगों के बीच आपसी संपर्क बढ़ाना रहा। निशिमुरा ने उत्तर प्रदेश में हो रहे बदलावों की सराहना करते हुए यूपी-जापान संबंधों को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई।
ग्रीन हाइड्रोजन और कूटनीतिक संवाद
निशिमुरा ने यह भी बताया कि उत्तर प्रदेश और यामानाशी प्रांत के बीच ग्रीन हाइड्रोजन पहल पर सहयोग चल रहा है, जिसमें यामानाशी के गवर्नर कोजी नागासाकी की भी मौजूदगी रही। इससे पहले मुख्यमंत्री योगी ने जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोटेगी से भी मुलाकात की। यह वार्ता भारत-जापान विशेष सामरिक और वैश्विक साझेदारी के तहत हुई, जिसका उद्देश्य द्विपक्षीय संबंधों को और सुदृढ़ करना तथा ‘नेक्स्ट जेनरेशन स्टेट-प्रिफेक्चर पार्टनरशिप’ को आगे बढ़ाना है। मुख्यमंत्री के इस दौरे में निवेश संभावनाओं की तलाश और औद्योगिक सहयोग को नई दिशा देने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।



