हिंद महासागर में बढ़ा तनाव: ईरान ने डिएगो गार्सिया बेस की ओर दागीं मिसाइलें

ईरान ने हिंद महासागर में दिखाया ताकत का संकेत डिएगो गार्सिया बेस पर मिसाइल दागने का दावा अमेरिका ने SM-3 से किया इंटरसेप्ट का प्रयास

 

Iran crisis: मिडिल-ईस्ट में जारी जंग का असर अब हिंद महासागर तक पहुंचता दिख रहा है। एक बड़े घटनाक्रम में अमेरिका ने दावा किया है कि ईरान ने चागोस द्वीपसमूह के डिएगो गार्सिया में स्थित अमेरिकी-ब्रिटिश सैन्य अड्डे की ओर दो बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं। यह वही समय है जब अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने हाल ही में कहा था कि अमेरिका, ईरान के खिलाफ अपने सैन्य अभियान को खत्म करने के काफी करीब है। वहीं, ब्रिटेन द्वारा अपने सैन्य अड्डे इस्तेमाल करने की अनुमति देने पर ईरान पहले ही नाराजगी जता चुका है।

 

अमेरिका ने किया इंटरसेप्ट का प्रयास

The Wall Street Journal की रिपोर्ट के मुताबिक, दागी गई दो मिसाइलों में से एक उड़ान के दौरान ही फेल हो गई। दूसरी मिसाइल को रोकने के लिए अमेरिकी युद्धपोत से SM-3 इंटरसेप्टर दागा गया। हालांकि यह साफ नहीं हो पाया है कि मिसाइल को पूरी तरह नष्ट किया जा सका या नहीं। SM-3 इंटरसेप्टर अमेरिकी नौसेना का खास सिस्टम है, जो मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों को हवा में ही खत्म करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

 

4000 किलोमीटर दूर है डिएगो गार्सिया

इस हमले की सबसे चौंकाने वाली बात इसकी दूरी है। डिएगो गार्सिया, ईरान से करीब 4,000 किलोमीटर दूर स्थित है। ऐसे में यह हमला इस ओर इशारा करता है कि ईरान की मिसाइल क्षमता पहले बताए गए दायरे से ज्यादा हो सकती है। जबकि ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने हाल ही में दावा किया था कि देश ने अपनी मिसाइल रेंज को 2,000 किलोमीटर तक सीमित कर दिया है।

 

रणनीतिक तौर पर बेहद अहम है बेस

डिएगो गार्सिया में मौजूद सैन्य अड्डा अमेरिका और ब्रिटेन के लिए बेहद अहम रणनीतिक ठिकाना है। हिंद महासागर में इसकी लोकेशन इसे सैन्य ऑपरेशन और निगरानी के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण बनाती है। ऐसे में इस पर हमला करने की कोशिश को क्षेत्रीय तनाव में बड़ा इजाफा माना जा रहा है।

Related Articles

Back to top button