पीएम मोदी के कार्यक्रम के बाद नगर निगम की लापरवाही, 170 भेड़ों की मौत से मचा हड़कंप

पीएम मोदी के कार्यक्रम के बाद खुले में फेंका गया खाना भेड़ों की मौत की वजह बना, नगर निगम की लापरवाही उजागर। सड़ा-बासी भोजन खाने से 170 भेड़ों की मौत, 200 से अधिक की हालत गंभीर, मौके पर 30 डॉक्टरों की टीम तैनात। घटना से भेड़ पालकों की आजीविका पर संकट, प्रशासन और नगर निगम पर जांच व कार्रवाई की मांग तेज।

Lucknow: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम के बाद नगर निगम की घोर लापरवाही सामने आई है। कार्यक्रम के बाद बचा हुआ खाना खुले में फेंक दिया गया और उसकी समय पर सफाई नहीं कराई गई। नतीजा यह हुआ कि सड़ा-बासी खाना खाने से 170 भेड़ों की मौत हो गई, जबकि 200 से अधिक भेड़ों की हालत गंभीर बनी हुई है।

 

उद्घाटन के बाद मैदान में पड़ा रहा खाना

जानकारी के मुताबिक, बीते 25 दिसंबर को प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्र प्रेरणा स्थल का उद्घाटन किया था। उद्घाटन समारोह के बाद लंच बॉक्स और बचा हुआ खाना वहीं मैदान में फेंक दिया गया। नगर निगम की ओर से साफ-सफाई नहीं कराई गई, जिससे खाना खुले में सड़ता रहा।

 

चरवाहों की भेड़ों ने खाया सड़ा हुआ भोजन

इसी दौरान भेड़ चराने आए चरवाहों की भेड़ों ने यह बासी और सड़ा हुआ खाना खा लिया। कुछ ही देर में भेड़ों की तबीयत बिगड़ने लगी। वे जोर-जोर से चिल्लाने लगीं और धीरे-धीरे बेहोश होकर गिरने लगीं। सोमवार सुबह तक 170 भेड़ों की मौत हो चुकी थी।

 

सूचना फैलते ही मचा हड़कंप

घटना की जानकारी फैलते ही पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। मौके पर पुलिस पहुंची और सरकारी पशु चिकित्सा टीम को बुलाया गया। बीमार भेड़ों के इलाज के लिए कुल 30 डॉक्टरों की टीम लगाई गई है। सभी भेड़ें चार चरवाहों की थीं, जो फतेहपुर से कुछ दिन पहले यहां भेड़ चराने आए थे।

 

भेड़ पालकों की जुबानी दर्द

भेड़ पालने वाले प्रदीप कुमार, विजय पाल, अजय पाल और शिवरतन ने बताया कि रात के समय अचानक भेड़ों की हालत खराब होने लगी थी। उन्होंने देसी दवाइयों से इलाज की कोशिश की, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। सुबह होने तक 170 भेड़ें दम तोड़ चुकी थीं।

 

डॉक्टरों ने बताया फूड पॉइजनिंग का मामला

भिठौली से पहुंचे पशु चिकित्सा अधिकारी आरपी सचान ने बताया कि यह मामला फूड पॉइजनिंग का लग रहा है। सड़ा या अत्यधिक भोजन खाने से भेड़ों में ब्लॉट की समस्या हो जाती है, जिससे पेट फूलता है और सांस लेने में दिक्कत होती है। इसी कारण मौत हो जाती है।

 

एनजीओ ने प्रशासन पर लगाए आरोप

हेल्पिंग हैंड एनजीओ की अध्यक्ष चारु खरे भी मौके पर पहुंचीं। उन्होंने कहा कि उद्घाटन के दिन बंटे लंच बॉक्स का बचा हुआ खाना साफ नहीं कराया गया, जिसकी वजह से यह हादसा हुआ। नगर निगम और जिला प्रशासन की लापरवाही से इतनी बड़ी घटना घटी है। जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए।

 

जांच के बाद होगी स्थिति साफ

एसडीएम सदर मनोज सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की सही वजह स्पष्ट हो पाएगी। वहीं चीफ वेटनरी ऑफिसर डॉ. सुरेश कुमार ने बताया कि मरी हुई भेड़ों के सैंपल फॉरेंसिक जांच के लिए भेजे गए हैं।

 

जेसीबी से दफनाई गईं मरी भेड़ें

मरी हुई भेड़ों को दफनाने के लिए जिला प्रशासन की ओर से जेसीबी मशीन मंगवाई गई। मौके पर ही गड्ढा खोदकर भेड़ों को दफनाया गया।

 

आजीविका उजड़ने का दर्द

भेड़ पालक प्रदीप कुमार ने रोते हुए बताया कि उनके पास कुल 370 भेड़ें थीं, जिनमें से 170 की मौत हो चुकी है। उन्होंने कहा कि जिस मैदान में पीएम मोदी का कार्यक्रम हुआ था, वहीं पूड़ी-सब्जी और बचा हुआ खाना पड़ा था। उसी को खाकर उनकी भेड़ें बीमार हुईं और मर गईं।

 

मंत्री ने जताया दुख, जांच के आदेश

इस मामले में नगर विकास मंत्री अरविंद कुमार शर्मा से संपर्क किया गया। मंत्री के आवास से विवेक ने बातचीत करते हुए घटना पर दुख व्यक्त किया और कहा कि पूरे मामले की जांच के आदेश दिए जाएंगे।

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