पंजाब में ‘ट्रेड कमीशन’ का ऐलान, व्यापारियों को दफ्तरों के चक्कर से मिलेगी राहत
पंजाब में व्यापारियों के लिए नई पहल, सरकार ने बनाया ट्रेड कमीशन दफ्तरों के चक्कर से मिलेगी राहत, एक प्लेटफॉर्म पर होगा समाधान ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस और पारदर्शिता पर सरकार का ज़ोर

चंडीगढ़, 17 फरवरी, भगवंत मान सरकार ने राज्य के व्यापारी समुदाय को मज़बूत करने और छोटे व्यापारियों, दुकानदारों व उद्यमियों के लिए बिज़नेस प्रोसेस को आसान बनाने के मकसद से ‘पंजाब ट्रेड कमीशन’ बनाने का ऐलान किया है। पंजाब के फ़ाइनेंस, एक्साइज़, टैक्सेशन और प्लानिंग मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि यह पहल पंजाब की अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने वाले लोगों के लिए गवर्नेंस को अधिक आसान और जवाबदेह बनाने की सरकार की वचनबद्धता को दर्शाती है।
कमीशन का मुख्य उद्देश्य
मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि कमीशन का प्रमुख मकसद यह सुनिश्चित करना है कि व्यापारियों को रूटीन अप्रूवल, डिपार्टमेंटल क्लीयरेंस और रोज़ाना के बिज़नेस ऑपरेशन के लिए बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें। उन्होंने माना कि वर्षों से छोटे व्यापारी छोटी-छोटी समस्याओं के लिए भी कई कार्यालयों में भटकने को मजबूर रहे हैं। सरकार इस व्यवस्था को बदलने के लिए प्रतिबद्ध है।
समय और संसाधनों की बचत पर ज़ोर
पंजाब ट्रेड कमीशन व्यापारी समुदाय का समय, मेहनत और पैसा बचाने के लिए एक समर्पित प्लेटफॉर्म के रूप में काम करेगा। इसके माध्यम से समस्याओं के त्वरित और व्यवस्थित समाधान के लिए स्पष्ट जवाबदेही तय की जाएगी, ताकि मामले लंबे समय तक लंबित न रहें और व्यापारियों को समय पर राहत मिल सके।
ज़िला स्तर पर तैयारियाँ
इस पहल को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए फरीदकोट, फतेहगढ़ साहिब, लुधियाना, मोगा, मलेरकोटला, पटियाला, रूपनगर, संगरूर, बरनाला और बठिंडा में समीक्षा बैठकें आयोजित की गईं। इन बैठकों में सरकारी अधिकारियों, स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभागों ने व्यापारियों व ट्रेडर्स के साथ मिलकर कमीशन की कार्यप्रणाली और ज़िला स्तर पर समन्वय को लेकर चर्चा की।
व्यापारियों के हित में पारदर्शी व्यवस्था
मंत्री ने दोहराया कि व्यापारी और छोटे व्यवसाय राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। सरकार का लक्ष्य ऐसा पंजाब बनाना है, जहाँ ईमानदार कारोबारी कागजी कार्रवाई और देरी में उलझने के बजाय अपने व्यापार के विस्तार पर ध्यान दे सकें। उन्होंने कहा कि पंजाब ट्रेड कमीशन को पारदर्शिता, जवाबदेही और ‘ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस’ की भावना के साथ स्थापित किया जाएगा, ताकि शासन व्यापारियों के हित में काम करे, न कि उनके खिलाफ।



