गाजा से लौटी दर्दनाक सच्चाई, इजरायल को मिले तीन शहीद सैनिकों के अवशेष, हमास पर बढ़ा दबाव
इजरायल ने गाजा से मिले तीन सैनिकों के अवशेषों की की पहचान की पुष्टि। 7 अक्टूबर 2023 के हमले में मारे गए थे कैप्टन ओमर न्यूत्रा, ओज डैनियल और कर्नल असफ हमामी। हमास ने कहा ,जंग की तबाही के कारण अवशेषों की पहचान करना हो रहा है मुश्किल।

इजरायल ने सोमवार को पुष्टि की कि गाजा से सौंपे गए तीन बंधकों के अवशेष उन सैनिकों के हैं, जो 7 अक्टूबर 2023 को हमास के नेतृत्व वाले हमले में मारे गए थे। इजरायली सेना के अनुसार, ये सैनिक दक्षिणी इजरायल पर हमले के दौरान शहीद हुए और उनके शवों को आतंकवादी गाजा ले गए थे। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने तीनों की पहचान कैप्टन ओमर न्यूत्रा (अमेरिकी-इजरायली), स्टाफ सार्जेंट ओज डैनियल और कर्नल असफ हमामी के रूप में की है। हमास ने दावा किया था कि उनके अवशेष दक्षिणी गाजा की एक सुरंग में मिले।
कैप्टन ओमर न्यूत्रा और सार्जेंट ओज डैनियल की कहानी
अमेरिकी मूल के इजरायली ओमर न्यूत्रा मात्र 21 वर्ष के थे, जब उन्हें 7 अक्टूबर 2023 के हमले में उनके टैंक क्रू के साथ अगवा कर लिया गया था। दिसंबर 2024 में सेना ने घोषणा की थी कि न्यूत्रा हमले के दौरान ही मारे गए थे। अमेरिका और इजरायल दोनों में हुए विरोध प्रदर्शनों में उनके माता-पिता लगातार शामिल होते रहे हैं। वहीं, 19 वर्षीय ओज डैनियल का शव भी आतंकवादियों ने उसके टैंक से तीन अन्य सैनिकों के साथ ले लिया था। उसके परिवार में माता-पिता और एक जुड़वां बहन हैं।
कर्नल असफ हमामी का बलिदान
हमामी गाजा डिवीजन की दक्षिणी ब्रिगेड के कमांडर थे और किबुत्ज निरिम की रक्षा करते हुए शहीद हुए। वह हमले शुरू होने के 10 मिनट के भीतर ही यह घोषणा करने वाले पहले अधिकारी थे कि इजरायल अब युद्ध में है। जुलाई 2024 में उनके दो साथियों के अवशेष पहले ही वापस लाए जा चुके थे।
हमास के लिए बढ़ी मुश्किलें
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने न्यूत्रा के परिवार से बात कर संवेदना जताई। इजरायल के अनुसार, हर कुछ दिनों में हमास एक या दो अवशेष लौटा रहा है, जिनमें कुछ की पहचान अब तक नहीं हो पाई है। गाजा में डीएनए किट की कमी के कारण शवों की पहचान कठिन हो रही है। युद्धविराम शुरू होने के बाद से अब तक 225 फिलिस्तीनी शवों में से केवल 75 की ही पहचान की जा सकी है।



