कर्नाटक में सत्ता संग्राम तेज, शिवकुमार की बढ़ती महत्वाकांक्षा से कांग्रेस में हलचल
कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद को लेकर सियासी तकरार तेज शिवकुमार–सिद्धारमैया के बीच समझौते पर उठे सवाल कांग्रेस में बढ़ती खींचतान से प्रशासन पर पड़ा असर

भाजपा नेता प्रकाश शेषराघवचार का कहना है कि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के बीच जो समझौता हुआ है, वह केवल दिखावा है। उनका मानना है कि शिवकुमार मुख्यमंत्री बनने की बहुत बड़ी इच्छा रखते हैं और थोड़े समय शांत रहने के बाद फिर से इस मुद्दे को उठाएंगे। भाजपा का आरोप है कि शिवकुमार ने अपने समर्थकों को जानबूझकर दिल्ली भेजकर मुख्यमंत्री पद के लिए दबाव बनाने को कहा था। उनके अनुसार, अब शिवकुमार के लिए पीछे हटना मुश्किल हो गया है, क्योंकि इससे उनकी इज़्ज़त पर असर पड़ेगा।
सात-आठ विधायक सीएम की दौड़ में
बीजेपी के कर्नाटक अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र ने सोमवार को कहा कि मुख्यमंत्री पद के लिए कांग्रेस में बढ़ती प्रतिस्पर्धा की वजह से राज्य की प्रशासनिक मशीनरी “पूरी तरह ध्वस्त” हो गई है। उनके मुताबिक, कांग्रेस के कम से कम सात-आठ वरिष्ठ विधायक और मंत्री इस दौड़ में शामिल हैं। अब सभी की नजरें मंगलवार को होने वाली ब्रेकफास्ट मीटिंग पर टिकी हैं। देखना यह है कि सिद्धारमैया और शिवकुमार के बीच क्या सहमति बनती है, क्या सत्ता शिवकुमार को मिलेगी या उन्हें अभी इंतजार करना होगा।



