ऑस्ट्रिया की सबसे ऊंची चोटी पर मौत! गर्लफ्रेंड को ठंड में छोड़ने के आरोप में बॉयफ्रेंड पर केस

खराब मौसम में हाई-एल्टीट्यूड ट्रेक बना मौत की वजह बॉयफ्रेंड पर गर्लफ्रेंड को जानबूझकर ठंड में छोड़ने का आरोप घोर लापरवाही से हत्या का मामला कोर्ट में पहुंचा

ऑस्ट्रिया की सबसे ऊंची चोटी ग्रॉसग्लॉक्नर (3,798 मीटर) पर एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक पर्वतारोही ने अपनी ही गर्लफ्रेंड को जानलेवा ठंड में अकेला छोड़ दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। 33 साल की केर्स्टिन गर्टनर, जो सोशल मीडिया पर खुद को ‘विंटर चाइल्ड’ और ‘माउंटेन पर्सन’ कहती थीं, इस हादसे की शिकार हुईं। वह साल्ज़बर्ग की रहने वाली थीं।

 

कैसे हुआ हादसा?

जनवरी 2025 में केर्स्टिन अपने 39 वर्षीय बॉयफ्रेंड थॉमस प्लाम्बर्गर के साथ हाई-एल्टीट्यूड ट्रेक पर निकली थीं। प्लाम्बर्गर एक अनुभवी पर्वतारोही गाइड माना जाता है, जबकि यह केर्स्टिन का पहला बड़ा विंटर ट्रेक था। जांच में सामने आया कि इस टूर की पूरी प्लानिंग थॉमस ने पहले से कर रखी थी। दोनों ने 18 जनवरी को स्टडलग्राट रूट से चढ़ाई शुरू की—वो भी दो घंटे लेट। मौसम खराब था, तापमान −20°C तक गिर चुका था, लेकिन इसके बावजूद ट्रेक जारी रखा गया।

 

ठंड से जंग हार गई केर्स्टिन

रात करीब 8:50 बजे केर्स्टिन ठंड, थकान और कमजोरी से जूझने लगीं। आरोप है कि हालात बिगड़ने के बावजूद बॉयफ्रेंड ने न तो इमरजेंसी कंबल दिया और न ही कोई शेल्टर मुहैया कराया। इतना ही नहीं, इमरजेंसी कॉल करने में भी देरी की गई और फिर फोन को साइलेंट मोड पर डाल दिया। रात के करीब 2 बजे, थॉमस ने केर्स्टिन को चोटी से 50 मीटर नीचे अकेला छोड़ दिया, और खुद नीचे उतर गया। इसके बाद करीब 6.5 घंटे तक वह बर्फीली ठंड में बिना किसी सुरक्षा के पड़ी रहीं।

 

रेस्क्यू में भी हुई देरी

सुबह 7:10 बजे हेलीकॉप्टर ने उड़ान भरी, लेकिन तेज हवाओं की वजह से ऑपरेशन रोकना पड़ा। जब तक दोबारा रेस्क्यू शुरू हुआ, सुबह 10 बजे केर्स्टिन का शव मिल चुका था। पोस्टमॉर्टम में मौत का कारण हाइपोथर्मिया बताया गया।

 

कानूनी कार्रवाई शुरू

ऑस्ट्रियाई पुलिस ने वेबकैम फुटेज, फोन रिकॉर्ड, स्पोर्ट्स वॉच डेटा और एक्सपर्ट रिपोर्ट के आधार पर पूरा केस तैयार किया है।थॉमस प्लाम्बर्गर पर अब घोर लापरवाही से हत्या का आरोप है। अगर दोषी साबित हुआ, तो उसे 3 साल तक की जेल हो सकती है। मामले की अगली सुनवाई 19 फरवरी 2026 को इंसब्रुक कोर्ट में होगी। वहीं, प्लाम्बर्गर का कहना है कि यह एक “दुर्भाग्यपूर्ण हादसा” था।

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