अमेरिकी हमले में डूबा ईरान का IRIS डेना युद्धपोत, 87 नाविकों की मौत; ईरान ने जारी की ताबूतों की तस्वीरें
अमेरिका के हमले में IRIS डेना के 87 ईरानी नाविकों की मौत ईरान ने ताबूतों की तस्वीरें जारी कर बताया ‘युद्ध अपराध’ भारत-श्रीलंका के पास डूबे जहाज के बाद भारतीय नौसेना ने चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन

तेहरान: ईरान सरकार ने शुक्रवार को IRIS डेना युद्धपोत पर अमेरिकी हमले में मारे गए नाविकों के ताबूतों की तस्वीरें जारी कीं। भारत में स्थित ईरानी दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इन तस्वीरों को साझा करते हुए लिखा कि यह वे नौसेना कर्मी हैं जो अमेरिकी बलों के हमले में मारे गए। इससे पहले मंगलवार को ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाएई ने भी इन नाविकों को श्रद्धांजलि दी थी। उन्होंने इस हमले को “युद्ध अपराध” बताते हुए कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय कानूनों का गंभीर उल्लंघन है और ईरानी जनता इस घटना को कभी नहीं भूलेगी।
बचाव अभियान में बाधा डालने का आरोप
X पर अपने बयान में बकाएई ने लिखा कि 4 मार्च को अपने देश से दूर शहीद हुए डेना फ्रिगेट के नाविकों को श्रद्धांजलि। उनका कहना था कि इस जहाज को भारतीय नौसेना ने संयुक्त नौसैनिक अभ्यास और बंदरगाह यात्रा के लिए आधिकारिक तौर पर आमंत्रित किया था। बकाएई ने आरोप लगाया कि संयुक्त राज्य अमेरिका ने भारत और श्रीलंका के तट के पास जहाज पर हमला कर उसे डुबो दिया, जो युद्ध अपराध की श्रेणी में आता है। उन्होंने यह भी कहा कि हमले के बाद अमेरिका ने नाविकों के बचाव अभियान में भी बाधा डाली।
हमले के बाद भारतीय नौसेना ने पहुंचाई मदद
रिपोर्ट के मुताबिक 4 मार्च को श्रीलंका के दक्षिणी तट के पास गाले के करीब IRIS डेना पर टॉरपीडो से हमला हुआ, जिसके बाद जहाज डूब गया। शुरुआती रिपोर्टों में जहाज की दूरी लगभग 20 समुद्री मील बताई गई थी। घटना के बाद भारतीय नौसेना ने तुरंत राहत और बचाव अभियान शुरू किया। इसके तहत आईएनएस तरंगिनी, आईएनएस इक्षक और P-8I समुद्री गश्ती विमानों को खोज और बचाव अभियान में लगाया गया। जहाज पर करीब 180 नाविक सवार थे, जिनमें से 87 की मौत हो गई, जबकि 32 नाविकों को श्रीलंका नौसेना ने बचाकर गाले के अस्पतालों में भर्ती कराया।



