अमेरिका का यू-टर्न? रूसी तेल टैंकर को क्यूबा जाने की दी इजाजत
अमेरिका ने नहीं रोका रूसी तेल टैंकर, क्यूबा को मिली राहत तेल संकट के बीच बदला रुख, पहले लगा चुका था सख्त प्रतिबंध भविष्य को लेकर सस्पेंस बरकरार, क्या आगे भी मिलेगी अनुमति?

Iran news: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और वैश्विक तेल संकट के बीच अमेरिका का एक चौंकाने वाला फैसला सामने आया है। जिस क्यूबा पर लंबे समय से दबाव बनाया जा रहा था, अब उसी को राहत देने के संकेत दिख रहे हैं।
क्या है पूरा मामला?
अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी संघर्ष के कारण दुनियाभर में तेल की सप्लाई प्रभावित हुई है। इसी बीच यूनाइटेड स्टेट्स कोस्ट गार्ड ने एक रूसी तेल टैंकर को क्यूबा की ओर बढ़ने से नहीं रोका। इस टैंकर में करीब 7.3 लाख बैरल कच्चा तेल लदा हुआ है और यह क्यूबा के समुद्री इलाके के पास पहुंच चुका है। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इस फैसले से क्यूबा को राहत मिल सकती है, जो इस समय गंभीर ईंधन संकट से जूझ रहा है।
पहले क्या कर रहा था अमेरिका?
यह फैसला इसलिए भी अहम है क्योंकि अब तक अमेरिका क्यूबा पर सख्ती बरतता रहा है। डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने जनवरी से क्यूबा को तेल सप्लाई सीमित कर दी थी। इतना ही नहीं, क्यूबा को तेल देने वाले देशों को भी चेतावनी दी गई थी और एक टैंकर को पहले वापस भी भेजा गया था। लेकिन इस बार अमेरिकी कोस्ट गार्ड ने कोई कार्रवाई नहीं की और टैंकर को आगे बढ़ने दिया।
अचानक बदला रुख क्यों?
रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी अधिकारियों को टैंकर रोकने के लिए कोई स्पष्ट आदेश नहीं मिला था, इसलिए उसे नहीं रोका गया। हालांकि, इसके पीछे की असली वजह अब तक साफ नहीं है और अमेरिका की ओर से कोई आधिकारिक बयान भी सामने नहीं आया है।
आगे क्या होगा?
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या भविष्य में भी ऐसे टैंकरों को इजाजत दी जाएगी या यह सिर्फ एक अस्थायी फैसला है। फिलहाल इस पर स्थिति साफ नहीं है।
क्यूबा को राहत, लेकिन कितनी?
रूसी तेल की इस खेप से क्यूबा को कुछ समय के लिए राहत जरूर मिल सकती है। पहले भी 19 मार्च को अमेरिका ने 30 दिनों के लिए एक सामान्य लाइसेंस जारी किया था, जिससे रूसी तेल और पेट्रोलियम उत्पादों की बिक्री को अनुमति मिली थी। लेकिन क्यूबा की आर्थिक हालत और ईंधन संकट को देखते हुए यह राहत कितनी टिकाऊ होगी, यह आने वाला समय बताएगा।



