सोनिया गांधी को दिल्ली की राऊज़ एवेन्यू कोर्ट का नोटिस, नागरिकता और वोटर लिस्ट को लेकर नया विवाद
सोनिया गांधी के खिलाफ नागरिकता और वोटर लिस्ट को लेकर नई कानूनी चुनौती दिल्ली की राऊज़ एवेन्यू कोर्ट ने जारी किया नोटिस, TCR भी मंगाया 6 जनवरी को होगी मामले की अगली सुनवाई

कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी एक बार फिर कानूनी विवाद में घिर गई हैं। दिल्ली की राऊज़ एवेन्यू कोर्ट ने उन्हें नोटिस जारी किया है। मामला यह है कि भारतीय नागरिकता लेने से पहले ही 1980 की वोटर लिस्ट में उनका नाम शामिल होने को लेकर सवाल उठाए गए हैं। यह शिकायत वकील विकास त्रिपाठी ने दायर की थी। उनकी ओर से पेश हुए सीनियर एडवोकेट पवन नारंग ने कोर्ट में कहा कि पुराने रिकॉर्ड देखने पर साफ होता है कि सोनिया गांधी के भारतीय नागरिक बनने से पहले ही वोटर लिस्ट में उनका नाम जुड़ गया था, और इस प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं दिखती हैं। दलीलें सुनने के बाद सेशंस जज विशाल गोगने ने सोनिया गांधी और दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी कर दिया। राज्य की ओर से अभियोजक ने नोटिस स्वीकार कर लिया। कोर्ट ने इस केस की पूरी पड़ताल के लिए ट्रायल कोर्ट रिकॉर्ड (TCR) भी मंगाने का निर्देश दिया है।
6 जनवरी को अगली सुनवाई
यह रिवीजन पिटीशन उस आदेश के खिलाफ दायर की गई है जिसमें मजिस्ट्रेट कोर्ट ने सोनिया गांधी के खिलाफ FIR दर्ज करने से मना कर दिया था। याचिका में दावा है कि 1983 में भारतीय नागरिकता मिलने से तीन साल पहले, यानी 1980 की वोटर लिस्ट में, जिन दस्तावेज़ों के आधार पर नाम शामिल हुआ, उनमें गड़बड़ी हो सकती है। 6 जनवरी को अगली सुनवाई होगी।
क्या है पूरा मामला?
आरोप है कि सोनिया गांधी का नाम 1980 की वोटर लिस्ट में शामिल था। जबकि उन्होंने भारतीय नागरिकता 30 अप्रैल 1983 को हासिल की। याचिका में सवाल है कि अगर वे उस समय भारतीय नागरिक नहीं थीं तो वोटर लिस्ट में नाम कैसे और किस दस्तावेज़ के आधार पर दर्ज हुआ? दावा यह भी कि 1982 में उनका नाम वोटर लिस्ट से हटा दिया गया था। सितंबर 2025 में मजिस्ट्रेट कोर्ट ने यह याचिका खारिज कर दी थी, लेकिन अब उस फैसले के खिलाफ रिवीजन दायर किया गया है।



