शुक्रतीर्थ धर्म संसद की बड़ी घोषणा, क्या 2027 में योगी आदित्यनाथ होंगे पीएम?
शुक्रतीर्थ में हुई धर्म संसद में 12 बड़े प्रस्ताव पारित भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित करने और UCC लागू करने की मांग 2027 में योगी आदित्यनाथ को पीएम बनाने का प्रस्ताव सबसे चर्चित


मुजफ्फरनगर के ऐतिहासिक महाभारतकालीन तीर्थ शुक्रतीर्थ में रविवार को हिंदू संघर्ष समिति की ओर से भव्य सनातन धर्म संसद आयोजित की गई। इस धार्मिक-सामाजिक सभा में देशभर से आए साधु-संत, साध्वियां और लगभग 38 हिंदू संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। संसद में कुल 12 बड़े प्रस्ताव रखे गए, जिन्हें सर्वसम्मति से मंजूर किया गया।
प्रमुख संतों की मौजूदगी
कार्यक्रम की अध्यक्षता महामंडलेश्वर स्वामी केशवानंद सरस्वती महाराज ने की। प्रस्तावों पर अपने विचार रखने वालों में स्वामी विवेकानंद जी महाराज, स्वामी यति नृसिंह सरस्वती जी महाराज, स्वामी अनंतानंद सरस्वती जी महाराज, स्वामी आनंदेश्वरानंद जी महाराज और स्वामी प्रेमानंद जी महाराज सहित कई संत मौजूद रहे।
मुस्लिम सनातनी नाजिया इलाही खान का समर्थन
धर्म संसद में पहुंचीं मुस्लिम सनातनी नाजिया इलाही खान ने भी मंच से हिंदुत्व के पक्ष में समर्थन जताया। उन्होंने जमीयत उलेमा-ए-हिंद के मौलाना अरशद मदनी और महमूद मदनी पर निशाना साधते हुए कहा कि “आज मुला-मौलवी हमें जिहाद सिखा रहे हैं। हिंदू अब भी नहीं जागे तो कब जागेंगे?”
सबसे बड़ा प्रस्ताव: भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित किया जाए
संसद में पारित प्रस्तावों में सबसे प्रमुख था—भारत को संपूर्ण हिंदू राष्ट्र घोषित किया जाए। इसके साथ ही कई अन्य मांगें भी रखी गईं: गौ माता को राष्ट्रीय माता का दर्जा, जनसंख्या नियंत्रण कानून को कठोर रूप से लागू करना, UCC (समान नागरिक संहिता) शीघ्र लागू करने की मांग, दो से ज्यादा बच्चों वाले लोगों को सरकारी सुविधाओं से वंचित करना, कानून तोड़ने पर कड़ी सजा का प्रावधान
“आपातकाल लगाकर हिंदू राष्ट्र घोषित किया जाए”
स्वामी प्रेमानंद जी महाराज ने कहा कि 1984 के आपातकाल में संविधान में जोड़ा गया ‘सेकुलरवाद’ शब्द हटाया जाए और देश को हिंदू राष्ट्र घोषित करने के लिए “एक बार फिर आपातकाल लागू करना पड़ेगा।” उन्होंने यह भी कहा कि “जब PM मोदी पुतिन को गीता भेंट कर सकते हैं, तो गीता के साथ एक गौ माता भी भेंट की जानी चाहिए।” संतों ने हर परिवार से घर में गीता और गौ माता रखने की अपील की।
धार्मिक स्थलों की सुरक्षा और सांस्कृतिक पुनरुत्थान
अन्य प्रस्तावों में संत समाज को राष्ट्रनिर्माण में मान्यता, धार्मिक स्थलों के मूल स्वरूप की बहाली, तीर्थों की सुरक्षा और युवाओं में संस्कार जागरण जैसे मुद्दे शामिल थे।
2027 में योगी आदित्यनाथ को प्रधानमंत्री बनाने की मांग
अंत में सबसे चर्चित प्रस्ताव आया, 2027 के लोकसभा चुनाव में योगी आदित्यनाथ को प्रधानमंत्री बनाया जाए। सभी प्रस्ताव मंजूर होने के बाद कहा गया कि इन्हें औपचारिक रूप से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सौंपा जाएगा।
शुक्रतीर्थ में हुई यह धर्म संसद धार्मिक, सांस्कृतिक और वैचारिक दृष्टि से बेहद अहम मानी जा रही है।



