यूपी कांग्रेस का टैलेंट हंट शुरू, नए प्रवक्ताओं की खोज में तेज़ी
लखनऊ से मेरठ तक कांग्रेस दफ्तरों में इंटरव्यू जैसा माहौल 600 से ज़्यादा आवेदक, नए प्रवक्ता और रिसर्च टीम की तलाश क्या यह पहल यूपी में कांग्रेस को फिर से मज़बूती दिला पाएगी?

उत्तर प्रदेश कांग्रेस आज एक नई पहल की शुरुआत कर रही है। लगातार चुनावी हार और पुरानी सियासी चुनौतियों से घिरी पार्टी अब कुछ अलग रास्ता अपनाने की कोशिश में है। यूपी में शुरू किया गया कांग्रेस का “टैलेंट हंट अभियान” उसी बदलाव का हिस्सा है। लखनऊ से लेकर मेरठ तक कांग्रेस दफ्तरों में आज माहौल बिल्कुल इंटरव्यू जैसा है, पैनल सवाल पूछ रहा है, उम्मीदवार जवाब दे रहे हैं। इसी प्रक्रिया के जरिए प्रदेश में नए प्रवक्ताओं की तलाश चल रही है। लेकिन बड़ा सवाल यही है कि क्या ये टैलेंट हंट कांग्रेस को 1989 के बाद पहली बार फिर से मजबूती दिला पाएगा?
किन शहरों में हो रहे इंटरव्यू?
कांग्रेस का टैलेंट हंट अभियान आज यूपी के कई बड़े शहरों में चल रहा है—लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, गोरखपुर, आगरा और मेरठ। ये इंटरव्यू पार्टी के प्रवक्ता और रिसर्च कोऑर्डिनेटर पदों के लिए लिए जा रहे हैं। लखनऊ के कांग्रेस कार्यालय में सुबह से ही आवेदकों की भीड़ लगी है। इंटरव्यू लेने के लिए तीन सदस्यीय पैनल बनाया गया है, जिसमें दो कांग्रेस नेता और एक पत्रकार शामिल हैं। उम्मीदवारों से पूछा जा रहा है, कांग्रेस क्यों हार रही है? वे पार्टी से कब जुड़े? कुछ लोग सीधे-सीधे पार्टी की गलतियों की बात कर रहे हैं, तो कुछ अपने जवाब शेर-ओ-शायरी के ज़रिये दे रहे हैं।
चयन कैसे होगा?
इस अभियान के लिए करीब 600 लोगों ने आवेदन किया है। आज के इंटरव्यू के बाद एक छंटनी सूची बनेगी, फिर फाइनल इंटरव्यू होगा जिसमें पैनल डिस्कशन भी शामिल रहेगा। इसके बाद एक लिखित परीक्षा ली जाएगी। ध्यान देने वाली बात यह है कि यूपी में कांग्रेस 1989 से सत्ता से बाहर है और विधानसभा में उसके सिर्फ दो विधायक हैं। ऐसे में ये टैलेंट हंट सच में पार्टी को नई मज़बूती देगा या नहीं—यह देखने वाली बात होगी।



