प्लेन क्रैश में निधन से पहले एनसीपी के विलय को लेकर इच्छुक थे अजित पवार, करीबी सहयोगी का बड़ा दावा
प्लेन क्रैश में निधन से पहले अजित पवार एनसीपी के दोनों गुटों के विलय को लेकर इच्छुक थे। करीबी सहयोगी किरण गुजर ने दावा किया कि विलय की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी थी। अजित पवार चाहते थे कि शरद पवार के रहते एनसीपी फिर से एकजुट हो जाए।

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के आकस्मिक निधन के बाद अब उनसे जुड़ा एक अहम राजनीतिक खुलासा सामने आया है। उनके करीबी सहयोगी किरण गुजर ने दावा किया है कि अजित पवार एनसीपी के दोनों गुटों के विलय को लेकर पूरी तरह इच्छुक थे और यह प्रक्रिया जल्द पूरी होने वाली थी। किरण गुजर, जो 1980 के दशक के मध्य से अजित पवार के साथ जुड़े हुए थे, ने बताया कि विमान हादसे से महज पांच दिन पहले इस मुद्दे पर उनकी अजित पवार से विस्तार से बातचीत हुई थी। उन्होंने कहा कि अजित पवार ने स्पष्ट रूप से बताया था कि दोनों गुटों के विलय की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है और अगले कुछ दिनों में औपचारिक घोषणा होने वाली थी।
‘विलय को लेकर पूरी तरह आश्वस्त थे अजित पवार’
किरण गुजर के मुताबिक, अजित पवार दोनों गुटों को एक साथ लाने के पक्ष में थे। उन्होंने कहा, “वे चाहते थे कि जब तक शरद पवार स्वस्थ हैं, उसी दौरान एनसीपी का दोबारा एकीकरण हो जाए। उन्होंने साफ कहा था कि पार्टी और राज्य के हित में यह जरूरी कदम है।” गौरतलब है कि हाल ही में हुए नगर निगम चुनावों में एनसीपी के दोनों गुटों ने गठबंधन में चुनाव लड़ा था। पुणे और पिंपरी-चिंचवाड़ में 15 जनवरी को हुए चुनावों के बाद यह तय किया गया था कि आने वाले जिला परिषद चुनावों में भी यह गठबंधन जारी रहेगा।
भविष्य के लिए तैयार थी पूरी रणनीति
किरण गुजर ने यह भी बताया कि अजित पवार के पास केवल विलय की योजना ही नहीं, बल्कि एकजुट एनसीपी के भविष्य के लिए विस्तृत रोडमैप भी तैयार था। शरद पवार, सुप्रिया सुले और अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ इस मुद्दे पर सकारात्मक बातचीत चल रही थी और संकेत मिल रहे थे कि इस कदम को समर्थन मिल सकता है। उन्होंने कहा, “बहुत कुछ सकारात्मक होने वाला था, लेकिन यह हादसा हो गया और हमने अजित ‘दादा’ को खो दिया। अब उनके जाने के बाद यह और जरूरी हो गया है कि दोनों गुट एकजुट होकर बारामती और महाराष्ट्र के हित में काम करें।”



