पाकिस्तान में फिर भूकंप, बलूचिस्तान के खुजदार में महसूस हुए झटके
पाकिस्तान के बलूचिस्तान में एक बार फिर भूकंप के झटके महसूस किए गए। खुजदार जिले में 3.3 तीव्रता का भूकंप, गहराई 8 किमी रही। फिलहाल किसी तरह के जान-माल के नुकसान की कोई सूचना नहीं है।

भारत के पड़ोसी देश पाकिस्तान में एक बार फिर भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। नेशनल सिस्मिक मॉनिटरिंग सेंटर (NSMC) के मुताबिक, बलूचिस्तान के खुजदार जिले में 3.3 तीव्रता का भूकंप आया। जियो न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, भूकंप की गहराई जमीन के अंदर करीब 8 किलोमीटर थी और इसका केंद्र खुजदार से लगभग 70 किलोमीटर पश्चिम में स्थित था। भूकंप के बाद प्रशासन ने हालात पर नजर बनाए रखी है। राहत की बात यह है कि अब तक किसी तरह के जान-माल के नुकसान की कोई सूचना सामने नहीं आई है। अधिकारियों का कहना है कि प्रभावित इलाकों से कोई चिंताजनक रिपोर्ट नहीं मिली है।
हाल के दिनों में लगातार हल्के झटके
इससे पहले 3 दिसंबर को भी खुजदार और सिबी जिलों में हल्के भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। वहीं 26 नवंबर को सिबी में 3.1 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसकी गहराई करीब 10 किलोमीटर दर्ज की गई थी। NSMC के अनुसार, उस भूकंप का केंद्र सिबी से लगभग 60 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में था। हालांकि, तब भी कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ था।
पहले आ चुके हैं खतरनाक भूकंप
पाकिस्तान में इससे पहले भी कई बड़े और विनाशकारी भूकंप आ चुके हैं। 8 नवंबर को जियारत और आसपास के इलाकों में 5.0 तीव्रता का भूकंप महसूस किया गया था, जिसका केंद्र क्वेटा से करीब 67 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में था। जियारत में साल 2008 में आए भीषण भूकंप ने भारी तबाही मचाई थी। उस हादसे में 200 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी और करीब 500 लोग घायल हुए थे। भूकंप के चलते पूरे के पूरे गांव तबाह हो गए थे, सैकड़ों घर और सरकारी इमारतें मलबे में बदल गई थीं। करीब 15 हजार लोगों को अपने घर छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा था। सबसे ज्यादा नुकसान जियारत की छोटी बस्तियों में हुआ था, जहां महिलाओं और बच्चों की बड़ी संख्या में जान गई थी।
प्राकृतिक आपदाओं के लिहाज से संवेदनशील पाकिस्तान
जियो न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान लंबे समय से प्राकृतिक आपदाओं की चपेट में रहा है। साल 2005 में आए उत्तरी पाकिस्तान के भूकंप में करीब 73 हजार लोगों की मौत हो गई थी। वहीं 1935 में क्वेटा में आए विनाशकारी भूकंप में लगभग 30 हजार लोगों की जान चली गई थी। बलूचिस्तान प्रांत भूकंपीय रूप से बेहद संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है, क्योंकि यह इलाका इंडियन प्लेट और यूरेशियन प्लेट के टकराव वाले क्षेत्र में स्थित है। पाकिस्तान का सबसे बड़ा और कम आबादी वाला यह प्रांत राहत और बचाव कार्यों के लिहाज से भी चुनौतीपूर्ण माना जाता है।



