नागपुर: ट्रेन में महिला कराटे खिलाड़ियों से बदसलूकी, राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए जा रही थी टीम
राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए जा रही नागपुर यूनिवर्सिटी की महिला कराटे टीम से ट्रेन में बदसलूकी। मनचलों ने फब्तियां कसीं और छूने की कोशिश की, डरी छात्राओं ने परिवार को भेजा वीडियो। भद्रक स्टेशन पर RPF ने आरोपियों को हिरासत में लेकर दर्ज की शिकायत।

Maharashtra news: नागपुर विश्वविद्यालय की महिला कराटे टीम के साथ ट्रेन में बदसलूकी का मामला सामने आया है। राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए ओडिशा के बालासोर जा रही छात्राओं के साथ कुछ युवकों ने ट्रेन में अश्लील हरकतें और टिप्पणियां कीं। इस घटना के बाद महिला खिलाड़ियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के मुताबिक, नागपुर विश्वविद्यालय की 10 से 12 महिला कराटे खिलाड़ी शनिवार सुबह 11 बजे पुरी-अहमदाबाद एक्सप्रेस से ओडिशा के लिए रवाना हुई थीं। टीम के साथ एक महिला और एक पुरुष प्रशिक्षक भी मौजूद थे। रविवार को टीम जब भुवनेश्वर रेलवे स्टेशन पहुंची तो वहां से बालासोर जाने के लिए ट्रेन नंबर 12704 फलकनुमा एक्सप्रेस में सवार हुई। इसी दौरान ट्रेन के कोच में मौजूद कुछ युवकों ने छात्राओं के साथ बदसलूकी शुरू कर दी। बताया जा रहा है कि छात्राएं अलग-अलग बर्थ पर बैठी थीं। इसी कोच में सवार कुछ मनचले युवकों ने उन्हें बाहरी समझकर फब्तियां कसनी शुरू कर दीं और उन्हें छूने की कोशिश भी की। महिला खिलाड़ियों ने उन्हें समझाने की कोशिश की, लेकिन वे नहीं माने और लगातार परेशान करते रहे।
रोते हुए परिजनों को सुनाई आपबीती
उस समय दोनों प्रशिक्षक अलग-अलग बर्थ पर बैठे थे और छात्राएं अलग-अलग जगहों पर थीं, इसलिए तुरंत मदद नहीं मिल सकी। घबराई हुई छात्राओं ने अपने परिजनों को फोन कर पूरी घटना की जानकारी दी और वीडियो बनाकर भी भेजा। घटना से डरी छात्राओं ने ट्रेन में ही रोते हुए अपनी आपबीती बताई। परिजनों ने तुरंत रेलवे सुरक्षा बल (RPF) को सूचना दी, लेकिन शुरुआती समय में कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिससे परिवार वालों की चिंता और बढ़ गई।
अगले स्टेशन पर आरोपियों को उतारा
बाद में अगले स्टेशन पर रेलवे सुरक्षा बल के जवानों ने आरोपियों को हिरासत में लेकर ट्रेन से नीचे उतार दिया। जानकारी के मुताबिक, भद्रक रेलवे स्टेशन के सरकारी रेलवे पुलिस थाने में आरोपियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कर ली गई है। यह घटना एक बार फिर सार्वजनिक परिवहन में महिला सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।



