कोरबा में हैरान करने वाली चोरी, 10 टन वजनी लोहे का पुल रातों-रात गायब
कोरबा में नहर पर बना 10 टन वजनी लोहे का पुल रातों-रात चोरी गैस कटर से काटकर कबाड़ में बेचा गया 40 साल पुराना पुल 15 आरोपी चिन्हित, 5 गिरफ्तार, 10 की तलाश जारी

कोरबा: छत्तीसगढ़ के कोरबा शहर से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां नहर पर बना करीब 40 साल पुराना और लगभग 10 टन वजनी लोहे का पुल रातों-रात चोरी हो गया। इस घटना ने स्थानीय लोगों के साथ-साथ पुलिस प्रशासन को भी हैरानी में डाल दिया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि पुल चोरी करने के लिए गैस कटर का इस्तेमाल किया गया और बाद में उसे कबाड़ में बेच दिया गया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटले ने बताया कि 18 जनवरी की सुबह ढोढीपारा इलाके के लोगों ने देखा कि नहर पार करने के लिए बना लोहे का पुल पूरी तरह गायब है। स्थानीय लोगों ने तुरंत वार्ड पार्षद लक्ष्मण श्रीवास को इसकी सूचना दी। इसके बाद सीएसईबी पुलिस चौकी में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई और पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।
15 आरोपी चिन्हित, 5 गिरफ्तार
पुलिस की शुरुआती जांच में पता चला है कि इस चोरी की वारदात को अंजाम देने में कुल 15 लोग शामिल थे। आरोपियों ने गैस कटर से पुल को काटा और उसके टुकड़ों को कबाड़ के रूप में बेच दिया। पुलिस ने अब तक स्थानीय निवासी लोचन केवट (20), जयसिंह राजपूत (23), मोती प्रजापति (27), सुमित साहू (19) और केशवपुरी गोस्वामी उर्फ ‘पिक्चर’ (22) को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ के दौरान सभी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है।
10 आरोपी फरार, तलाश जारी
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के अनुसार, मामले के मुख्य आरोपी मुकेश साहू और असलम खान सहित 10 आरोपी फिलहाल फरार हैं। पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है और जल्द ही उन्हें पकड़ने का दावा कर रही है।
सात टन लोहा बरामद
सीएसईबी पुलिस चौकी प्रभारी भीमसेन यादव ने बताया कि पुलिस ने चोरी के बाद नहर के भीतर छिपाकर रखा गया करीब सात टन लोहा बरामद कर लिया है। इसके अलावा चोरी का लोहा ढोने में इस्तेमाल की गई गाड़ी भी जब्त की गई है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि बाकी लोहा कहां और किसे बेचा गया।
40 साल पुराना था पुल
वार्ड पार्षद लक्ष्मण श्रीवास ने बताया कि करीब 70 फुट लंबा और पांच फुट चौड़ा यह लोहे का पुल लगभग 40 साल पहले बनाया गया था और स्थानीय लोगों के लिए नहर पार करने का मुख्य साधन था। पुल चोरी होने के बाद अब लोग मजबूरी में पास के कंक्रीट पुल का इस्तेमाल कर रहे हैं।



