कानपुर में बड़ा LIC फ्रॉड, 5 साल से फरार एजेंट आखिरकार गिरफ्तार
फर्जी पॉलिसियों और नकली दस्तावेजों के जरिए LIC को करोड़ों का चूना 5 साल फरार रहने वाला एजेंट मॉल में नौकरी कर रहा था पुलिस ने शातिर फैजान खान को आखिरकार दबोचा

उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में जीवन बीमा के नाम पर एक बड़ा फ्रॉड सामने आया है। एलआईसी जैसी भरोसेमंद कंपनी को ही उसका अपना एजेंट चूना लगा रहा था। कानपुर कोतवाली पुलिस ने पांच साल से फरार चल रहे LIC एजेंट फैजान खान को गिरफ्तार कर लिया है।
फर्जी लोगों के नाम पर पॉलिसियां, और लाखों का क्लेम
फैजान पर आरोप है कि उसने ऐसे लोगों के नाम पर दर्जनों बीमा पॉलिसियां कराईं जो असल में कभी थे ही नहीं। पॉलिसियों में खुद को या अपने साथियों को नॉमिनी बनाया और फिर फर्जी मृत्यु प्रमाण-पत्र लगाकर करीब 25 लाख रुपये का क्लेम एलआईसी से निकलवा लिया। मतलब फर्जी पहचान, फर्जी बैंक खाते और फर्जी मौतें… पूरा खेल खुद रचा और खुद ही क्लेम मार लिए।
2020 में हुआ था खुलासा
यह पूरा मामला साल 2020 में सामने आया। एलआईसी कानपुर नगर शाखा-2 के तत्कालीन मुख्य प्रबंधक कैलाश नाथ ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि फैजान ने अपने साथियों के साथ मिलकर: फर्जी आधार-पैन बनवाए, नकली दस्तावेजों से बैंक खाते खोले, अस्तित्वहीन लोगों के नाम पर पॉलिसियां कराईं, और फिर फर्जी मौत दिखाकर क्लेम निकाल लिए।
5 साल तक पुलिस को दिया चकमा
FIR के बाद फैजान खान फरार हो गया। पाँच साल तक वह पुलिस की नज़र से बचता रहा। इस दौरान उसने बीमा का काम छोड़ दिया और शहर के एक मॉल में नौकरी करके खुद को सामान्य आदमी की तरह दिखाने लगा। लेकिन पुलिस की लगातार निगरानी आखिर असर ले ही आई और उसे पकड़ लिया गया।
मुख्य आरोपी अब जेल में
थाना कोतवाली प्रभारी जगदीश प्रसाद पांडेय ने बताया कि फैजान को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। इस गिरोह के दो और सदस्य, एमए सिद्दीकी (फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने वाला), मोहम्मद इश्तियाक, पहले ही जेल भेजे जा चुके हैं। फैजान की गिरफ्तारी के बाद पूरी साजिश साफ हो गई है।
अन्य जिलों में भी खुल सकते हैं और मामले
पुलिस को शक है कि फैजान ने सिर्फ कानपुर में ही नहीं, बल्कि आसपास के जिलों में भी इसी तरह का बीमा फ्रॉड किया हो सकता है।
एलआईसी ने कहा है कि धोखेबाज एजेंटों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी ताकि लोगों का भरोसा बना रहे।



