बीजेपी की बंपर जीत के बाद कोलकाता की सड़कों पर जबरदस्त हलचल
कोलकाता में ममता बनर्जी के घर के बाहर बीजेपी कार्यकर्ताओं ने लगाए जय श्री राम के नारे। बंगाल चुनाव के नतीजों में बीजेपी को मिली भारी बढ़त के बाद कार्यकर्ताओं में दिखा जबरदस्त उत्साह। पुरानी कड़वाहट हुई ताजा जब जीत के जश्न के बीच मुख्यमंत्री आवास के बाहर बढ़ा सियासी पारा।

West Bengal results: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों ने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। चुनावी रुझानों में बीजेपी को मिली भारी बढ़त के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं का जोश सातवें आसमान पर है। इसी बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के कोलकाता स्थित आवास के बाहर से एक ऐसा वीडियो सामने आया है जिसने राज्य का सियासी पारा और चढ़ा दिया है। वीडियो में बीजेपी कार्यकर्ता मुख्यमंत्री आवास के ठीक बाहर पहुंचकर ‘जय श्री राम’ के नारे लगाते हुए जीत का जश्न मनाते दिख रहे हैं। हालांकि वहां तैनात पुलिस बल ने तुरंत मोर्चा संभाला और कार्यकर्ताओं को वहां से हटाकर स्थिति को नियंत्रण में लिया। राहत की बात यह रही कि इस दौरान कोई अप्रिय घटना या टकराव देखने को नहीं मिला।
नारेबाजी और पुरानी कड़वाहट
बंगाल की राजनीति में ‘जय श्री राम’ का नारा सिर्फ एक धार्मिक उद्घोष नहीं बल्कि एक बड़ा राजनीतिक हथियार रहा है। बीजेपी इसे अपनी रैलियों में प्रमुखता से इस्तेमाल करती आई है, जबकि ममता बनर्जी और उनकी पार्टी इसे बाहरी संस्कृति का थोपा हुआ नारा बताती रही हैं। आज की इस घटना ने एक बार फिर उन पुराने विवादों को ताजा कर दिया है जब ममता बनर्जी ने सार्वजनिक मंचों पर इस नारे का कड़ा विरोध किया था।
West Bengal results: विक्टोरिया मेमोरियल वाली वो घटना
आपको याद होगा साल 2021 का वो सरकारी कार्यक्रम जब प्रधानमंत्री मोदी की मौजूदगी में मंच पर ममता बनर्जी भाषण देने उठी थीं। जैसे ही वो माइक के पास पहुंचीं, सामने बैठी भीड़ ने जय श्री राम के नारे लगाने शुरू कर दिए थे। उस वक्त ममता बनर्जी ने इसे अपना अपमान बताते हुए भाषण देने से ही मना कर दिया था। उनका कहना था कि किसी को बुलाकर इस तरह अपमानित करना गरिमा के खिलाफ है।
सड़क पर उतरकर किया था विरोध
West Bengal results: नारों पर ममता बनर्जी के गुस्से का एक और वाकया साल 2019 का है। जब उनका काफिला पूर्वी मेदिनीपुर के चंद्रकोना इलाके से गुजर रहा था, तब सड़क किनारे खड़े कुछ लोगों ने नारेबाजी कर दी थी। उस समय मुख्यमंत्री इतनी नाराज हो गई थीं कि उन्होंने अपनी गाड़ी रुकवाई और नीचे उतरकर उन लोगों को फटकार लगाई थी। आज जब बीजेपी बंगाल में सत्ता की दहलीज पर खड़ी है, तो उनके घर के बाहर हुई यह नारेबाजी भविष्य की बदलती राजनीति का संकेत दे रही है।
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