Video: यूनिवर्सिटी कैंपस में छात्रों की अश्लील हरकतें वायरल, लाइन से बैठे छात्र-छात्राएं.. लोगों का फूटा गुस्सा !

सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक यूनिवर्सिटी कैंपस में कुछ युवती-युवकों को खुलेआम अश्लील हरकतें करते देखा जा सकता है। वीडियो के दावे के अनुसार यह जयपुर की मणिपुर यूनिवर्सिटी का है, जहां पढ़ाई के बजाय लड़के-लड़कियां सार्वजनिक रूप से अनुशासनहीन व्यवहार करते नजर आ रहे हैं। इस वीडियो ने भारतीय संस्कृति और नैतिक मूल्यों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
वायरल वीडियो में क्या दिख रहा है?
वायरल वीडियो में एक बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं लाइन में खड़े हैं और खुले स्थान पर अश्लील हरकतें कर रहे हैं। वीडियो रिकॉर्ड करने वाले ने इस दृश्य को सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए लिखा है कि “पढ़ाई की जगह यह सब क्या चल रहा है?” वीडियो में दिख रहे इस अनुशासनहीन व्यवहार ने कई लोगों को हैरान और आहत कर दिया है।
वीडियो की सत्यता को लेकर संशय बरकरार
हालांकि, यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह वीडियो सचमुच जयपुर की मणिपुर यूनिवर्सिटी का है या नहीं। साथ ही, वीडियो कब का है, इसका भी कोई पक्का प्रमाण नहीं है। मीडिया और प्रशासन अभी इस वीडियो की सत्यता की जांच कर रहे हैं। लेकिन वायरल होने के कारण यह वीडियो भारतीय युवाओं और उनकी नैतिकता को लेकर एक चिंताजनक संकेत माना जा रहा है।
जयपुर मणिपाल यूनिवर्सिटी हास्टल में पापा की परिया पढाई कर रही है pic.twitter.com/AEezaqEHh9
— Prahlad Chaudhary (@Prahlad46593554) August 4, 2025
भारतीय संस्कृति पर पड़ रहा है असर
यह वीडियो भारतीय संस्कृति और परंपराओं के प्रति लोगों की चिंता को और बढ़ा रहा है। सोशल मीडिया पर इस घटना की आलोचना हो रही है और बाबा अनिरुद्दाचार्य व संत प्रेमानंद जैसे धार्मिक गुरुओं के विचारों को सही साबित करने की बात कही जा रही है, जिन्होंने युवाओं में नैतिक मूल्यों के पतन की चेतावनी दी थी।
2nd Video in link -> https://x.com/Prahlad46593554/status/1952326375848976622
सामाजिक प्रतिक्रिया और भविष्य की चुनौतियां
इस वायरल वीडियो ने समाज में नैतिकता, शिक्षा और युवा संस्कृति को लेकर गंभीर बहस छेड़ दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि युवाओं में संस्कारों की कमी, सामाजिक मूल्यों की उपेक्षा और आधुनिकता के नाम पर अनुशासनहीनता को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है। साथ ही, शिक्षा संस्थानों को भी अपनी जिम्मेदारी समझते हुए नैतिक शिक्षा को बढ़ावा देना चाहिए।



