विश्व के लिए वैक्सीन इस महामारी से मुक्ति पाने का एकमात्र रास्ता: डॉ. हर्ष वर्धन

नई दिल्ली। केन्द्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डॉ. हर्ष वर्धन ने विश्व स्वास्थ्य संगठन के कार्यकारी बोर्ड के अध्यक्ष के नाते कार्यकारी बोर्ड के ब्यूरो के पांचवें विशेष सत्र की वर्चुअल माध्यम से अध्यक्षता की। भाग लेने वाले पर्यवेक्षक और विश्व स्वास्थ्य संगठन मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारी इस सत्र में उपस्थित थे। इस सत्र की कार्य सूची में कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए 130 देशों द्वारा तैयार डब्ल्यूएचए 73.1 के प्रस्ताव का कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक उपायों पर फोकस करना शामिल था।

इस मौके पर डॉ. हर्ष वर्धन ने कहा कि आज ऐसी परिस्थितियां बन गई हैं, जिनके कारण हम आज वर्चुअल माध्यम से सत्र में भाग ले रहे हैं। सरकारों, उद्योग और धर्मार्थ संगठनों को कोरोना से हुए नुकसान की भरपाई करने के लिए संसाधनों, अनुसंधान और विनिर्माण तथा वितरण को साझा करना चाहिए, लेकिन इसके साथ यह शर्त होनी चाहिए कि इसके फायदे सभी को मिलेंगे, भले ही इनका विनिर्माण किसी भी स्थान पर हुआ हो।उन्होंने यह भी कहा कि आपदा जोखिम में कमी और इसके प्रबंधन के लिए शीघ्र और पारदर्शी पहचान करना व तीव्र अनुसंधान तथा योजनाओं का प्रमाण आधारित तर्कसंगत कार्यान्वयन आवश्यक होगा।

इस बारे में डॉ. हर्ष वर्धन ने विश्व स्वास्थ्य संगठन के सदस्यों से जन-स्वास्थ्य दायित्वों के जवाबदेह निर्वहन के लिए मिलकर काम करने की अपील की। उन्होंने कहा कि वर्तमान महामारी जैसी इन सभी चुनौतियों से निपटने के लिए साझा कार्रवाई की आवश्यकता है। साझा जिम्मेदारी, विश्व स्वास्थ्य संगठन के सदस्य देशों के हमारे गठबंधन का मूलभूत दर्शन है। इसके साथ डॉ. हर्ष वर्धन ने विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक डॉ. टेडरोस घेबरेयेसस को अपनी टिप्पणियां देने और भाग लेने वालों के लिए सत्र की शुरुआत करने का आग्रह किया।

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