News Nasha Exclusive: यूपी के शिक्षा मित्रों और अनुदेशकों की लॉटरी! योगी सरकार ने खोला खजाना

योगी सरकार का बड़ा दांव: शिक्षा मित्रों की सैलरी में 80% का इजाफा, 1 मई से खातों में बरसेगा पैसा। अखिलेश का पलटवार: मानदेय बढ़ोतरी को बताया चुनावी छलावा, कहा- हमारे समय मिलते थे 40 हजार। सुप्रीम कोर्ट की मुहर: कानूनी जंग के बाद अनुदेशकों को मिला हक, अब 17 हजार रुपये होगी मासिक आय।

Up news: उत्तर प्रदेश के करीब 1.67 लाख शिक्षा मित्रों और इंस्ट्रक्टरों (अनुदेशकों) के लिए बड़ी खुशखबरी है। लंबे इंतजार और कानूनी दांव-पेंच के बाद आखिरकार योगी सरकार ने फंड जारी कर दिया है। सरकार ने 250 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि को हरी झंडी दे दी है, जिससे अब इन कर्मचारियों के बैंक खातों में ‘मोटी’ सैलरी क्रेडिट होगी।

सैलरी में बंपर उछाल

सरकार के इस फैसले से शिक्षा मित्रों की चांदी हो गई है। अब तक जिन्हें 10 हजार रुपये मिलते थे, उन्हें अब हर महीने 18,000 रुपये  मिलेंगे। वहीं, इंस्ट्रक्टरों का मानदेय भी 9,000 रुपये से बढ़ाकर 17,000 रुपये  कर दिया गया है। कब से मिलेगा फायदा: यह बढ़ोतरी 1 अप्रैल से लागू मानी जाएगी और 1 मई से बढ़ी हुई रकम सीधे खाते में आनी शुरू हो जाएगी।

Up news: सैलरी ही नहीं, ‘मेडिकल कवच’

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सिर्फ वेतन नहीं बढ़ाया, बल्कि शिक्षा मित्रों को दो और बड़ी सौगातें दी हैं:  1. कैशलेस इलाज: अब शिक्षा मित्रों और उनके परिवार को 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिलेगा।  2. ट्रांसफर की सुविधा: सालों से एक ही जगह जमे शिक्षा मित्र अब ट्रांसफर के लिए भी पात्र होंगे, जिससे उन्हें बड़ी राहत मिलेगी।

Up news: सियासी घमासान: अखिलेश ने बताया ‘चुनावी डर’

जैसे ही सरकार ने खजाना खोला, सूबे में सियासत गरमा गई है। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने इसे ‘चुनावी स्टंट’ करार दिया है। अखिलेश का दावा है कि उनके दौर में शिक्षा मित्रों को 40,000 रुपये तक मिलते थे, और ये 18 हजार की ऊंट के मुंह में जीरा जैसी है। विपक्ष इसे नाकाफी बताकर सरकार को घेरने में जुट गया है।

कानूनी लड़ाई और कड़वा इतिहास

Up news: आपको बता दें कि यह जीत इतनी आसान नहीं थी। 2017 में जब सहायक शिक्षक से वापस शिक्षा मित्र बनाए गए, तो सैलरी 50 हजार से गिरकर सीधे 3,500 रुपये पर आ गई थी। लखनऊ की सड़कों पर भारी विरोध प्रदर्शन हुए, लाठियां चलीं और मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा। आखिरकार कोर्ट की सख्ती और सरकार की नई नीति के बाद अब 9 साल का सूखा खत्म हुआ है।

 

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