नोएडा के रिटायर्ड इंजीनियर से 75 लाख की डिजिटल डकैती, शेयर बाजार के नाम पर बनाया शिकार

व्हाट्सएप ग्रुप 'वेल्थ एलायंस' के जरिए बिछाया जाल, मुनाफे का लालच देकर ऐंठे लाखों  भारी अलॉटमेंट का डर दिखाकर की वसूली, ऐप ब्लॉक कर गायब हुए शातिर ठग  साइबर पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा, संदिग्ध बैंक खातों की जांच शुरू

Up news: नोएडा में साइबर ठगों ने एक बार फिर बड़ी सेंधमारी की है। इस बार ठगों के निशाने पर टेलीकॉम विभाग के एक रिटायर्ड इंजीनियर आए, जिन्हें शेयर बाजार में निवेश के नाम पर करोड़ों के मुनाफे का सपना दिखाया गया। देखते ही देखते ठगों ने बुजुर्ग की जिंदगी भर की कमाई से 75 लाख रुपये से ज्यादा की रकम पर हाथ साफ कर दिया। सेक्टर-104 की एक पॉश सोसाइटी में हुई इस घटना ने शहर के हाई-प्रोफाइल इलाकों में सुरक्षा और जागरूकता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

व्हाट्सऐप ग्रुप से शुरू हुआ ठगी का जाल

ठगी का यह खेल 25 फरवरी को शुरू हुआ, जब 71 वर्षीय आलोक सहदेव को ‘वेल्थ एलायंस’ नाम के एक व्हाट्सऐप ग्रुप में जोड़ा गया। इस ग्रुप में दिन-रात शेयर बाजार और आईपीओ (IPO) के जरिए पैसा डबल करने के दावे किए जा रहे थे। ग्रुप के अन्य सदस्य (जो असल में ठगों के ही साथी थे) लगातार भारी मुनाफे के स्क्रीनशॉट डाल रहे थे, जिससे बुजुर्ग को लगा कि यह निवेश का सुनहरा मौका है।

Up news: छोटे मुनाफे का लालच और फिर बड़ी चपत

भरोसा जीतने के लिए आरोपियों ने पहले पीड़ित से एक खास ट्रेडिंग ऐप डाउनलोड कराया। शुरुआत में जब उन्होंने छोटी रकम निवेश की, तो ऐप पर उन्हें 8 हजार रुपये का मुनाफा दिखाया गया। इसी मुनाफे के चक्कर में आकर बुजुर्ग ठगों के जाल में फंसते चले गए। इसके बाद ठगों ने उन्हें बड़े निवेश के लिए उकसाया और अलग-अलग किश्तों में करीब 75.33 लाख रुपये अपने बताए गए खातों में ट्रांसफर करवा लिए।

Up news: ‘खाता ब्लॉक’ करने की धमकी देकर वसूले पैसे

जब पीड़ित ने और पैसे देने में असमर्थता जताई, तो ठगों ने नया पैंतरा चला। उन्होंने कहा कि उनके नाम पर ज्यादा शेयर अलॉट हो गए हैं और अगर तुरंत और पैसे जमा नहीं किए गए तो उनका पूरा अकाउंट ब्लॉक कर दिया जाएगा। डर के मारे बुजुर्ग ने और पैसे डाल दिए। लेकिन जब उन्होंने अपना पैसा निकालने की कोशिश की, तो उन्हें ग्रुप से बाहर कर दिया गया और ऐप पर दिख रहा सारा बैलेंस जीरो हो गया।

साइबर पुलिस की रडार पर संदिग्ध खाते

Up news: धोखाधड़ी का एहसास होने पर पीड़ित ने साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उन बैंक खातों को फ्रीज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है जिनमें पैसे ट्रांसफर हुए थे। डिजिटल फुटप्रिंट्स के जरिए आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है। नोएडा पुलिस ने एक बार फिर अपील की है कि किसी भी अनजान व्हाट्सऐप ग्रुप की सलाह पर निवेश न करें और न ही किसी अनधिकृत ऐप पर अपनी बैंकिंग जानकारी साझा करें।

 

 

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