Up news: कानपुर में लेम्बोर्गिनी हादसे का नया ट्विस्ट: ड्राइवर ने किया सरेंडर
कानपुर VIP रोड हादसे में नया मोड़, ड्राइवर मोहन ने किया सरेंडर पुलिस ने पेश किए 5 ठोस सबूत, हादसे में कार शिवम मिश्रा ही चला रहे थे कोर्ट में अर्जी और जांच जारी, लग्जरी कारों की तेज रफ्तार पर सवाल

Up news: VIP रोड पर हुए भीषण लेम्बोर्गिनी हादसे में नया मोड़ आ गया है। बुधवार को कथित ड्राइवर मोहन ने ACJM-7 कोर्ट में सरेंडर कर दिया। कोर्ट में वकील के साथ पहुंचे मोहन ने मीडिया से कहा कि हादसे के वक्त वही कार चला रहा था। उन्होंने बताया कि कार मालिक शिवम मिश्रा को दौरा पड़ गया था, जिससे मोहन घबरा गया और हादसा हो गया। हादसे के तुरंत बाद मोहन कार से बाहर निकल गया, जबकि शिवम को बाउंसर ने दूसरी गाड़ी से अस्पताल ले जाया।
हादसे में 6 लोग घायल
यह हादसा रविवार को हुआ, जब लेम्बोर्गिनी ने फुटपाथ पर खड़े और गुजर रहे लोगों को टक्कर मार दी। 6 लोग घायल हुए, जिनमें एक बुलेट सवार भी शामिल था। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की। शुरुआत में पुलिस ने दावा किया था कि कार शिवम मिश्रा चला रहे थे और इसी आधार पर FIR में उनका नाम शामिल किया गया।
कारोबारी का दावा: बेटा नहीं चला रहा था कार
मंगलवार को हादसे में नया मोड़ आया, जब कारोबारी केके मिश्रा खुद ग्वालटोली थाने पहुंचे। उन्होंने पुलिस के दावे को खारिज किया और कहा कि हादसे के वक्त उनका बेटा शिवम कार नहीं चला रहा था। उनके अनुसार शिवम सो रहा था या तबीयत खराब थी। पिता ने पुलिस कमिश्नर पर झूठ बोलने का आरोप लगाया और कहा कि शिवम दिल्ली में भर्ती है।
पुलिस ने पेश किए 5 मजबूत सबूत
पुलिस ने कारोबारी और ड्राइवर के दावों को खारिज करते हुए जांच रिपोर्ट में 5 ठोस सबूत पेश किए: 1. हादसे के बाद का वीडियो: बाउंसर ने शीशा तोड़कर ड्राइविंग सीट से शिवम को बाहर निकाला, जिससे साफ है कि कार में सिर्फ वही था। 2. प्रत्यक्षदर्शियों के बयान: 10 से ज्यादा लोगों ने पुष्टि की कि कार शिवम चला रहे थे। 3. मोबाइल लोकेशन: हादसे के समय शिवम की लोकेशन उसी जगह मिली। 4. CCTV फुटेज: स्मार्ट सिटी के कैमरों में पूरी घटना कैद हुई, जिसमें केवल एक व्यक्ति कार में था। 5. घायल वादी का बयान: मो. तौफीक ने वीडियो देखकर शिवम को ही ड्राइवर बताया।
कोर्ट में अर्जी और आगे की कार्रवाई
बुधवार को कोर्ट में शिवम के वकील ने जब्त लेम्बोर्गिनी को रिलीज कराने की अर्जी दी। वहीं मोहन ने सरेंडर याचिका दाखिल की। पुलिस ने कोर्ट में अपनी जांच रिपोर्ट पेश की और कहा कि पर्याप्त सबूतों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। DCP सेंट्रल अतुल कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि जांच पारदर्शी है और कानून सबके लिए समान है। हादसे ने एक बार फिर लग्जरी वाहनों की तेज रफ्तार और जिम्मेदारी पर सवाल खड़े कर दिए हैं।



