यूपी में BJP नेता पर नाबालिग लड़की से रेप का आरोप, पीड़िता के बयान से केस में आया नया मोड़.. पुलिस भी हैरान!

कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर में बीजेपी नेता पर दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली लड़की ने अब अपने बयान से पूरे मामले का रुख बदल दिया है। लड़की ने मजिस्ट्रेट के सामने कलमबंद बयान में कहा कि उसे यह तक नहीं पता कि उसके साथ रेप कब और कैसे हुआ। इतना ही नहीं, उसने पुलिस की कार्रवाई और अपनी ही “दीदी” पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
कैसे शुरू हुआ यह मामला?
पिछले साल बर्रा थाना क्षेत्र की रहने वाली एक लड़की ने आरोप लगाया कि बीजेपी नेता ने उसके साथ दुष्कर्म किया है। यही नहीं, उसने यह भी दावा किया कि उसकी नाबालिग बहन को भी नेता ने शिकार बनाया। इस शिकायत के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और मामला सीधे राजनीतिक हलकों तक पहुंच गया। एफआईआर दर्ज होते ही पुलिस ने केस की जांच शुरू कर दी।
लड़की का चौंकाने वाला कलमबंद बयान
लेकिन इस पूरे मामले में नया मोड़ तब आया जब लड़की ने मजिस्ट्रेट के सामने अपना बयान दर्ज कराया।
लड़की ने कहा—
“मुझे नहीं पता कि मेरे साथ कब रेप हुआ। मुझसे कई बार सादे कागजों पर साइन कराए गए। जब थाने ले जाया गया तो मैं बाहर खड़ी रही, मुझे अलग-अलग जगह ले जाया गया। मेरी दीदी ने धमकी दी थी कि अगर मैंने विरोध किया तो मुझे जेल भेज दिया जाएगा।”
इस बयान ने पूरे केस की बुनियाद को हिलाकर रख दिया है।
पुलिस की भूमिका पर सवाल
लड़की ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। उसने कहा कि उसे न तो एफआईआर पढ़कर सुनाई गई और न ही पूरा मामला समझाया गया। केवल कागजों पर हस्ताक्षर कराए गए।
वहीं पुलिस अधिकारियों का कहना है कि केस दर्ज कर जांच पूरी ईमानदारी से की गई और सारी रिपोर्ट कोर्ट में पेश की गई है।
आरोपी BJP नेता का पक्ष
आरोपी बीजेपी नेता ने शुरुआत से ही इन आरोपों को साजिश करार दिया। उनका कहना है कि उन्हें जानबूझकर राजनीतिक कारणों से फंसाया गया है। उन्होंने पुलिस कमिश्नर और वरिष्ठ अधिकारियों से भी शिकायत की थी और निष्पक्ष जांच की मांग की थी।
क्या लड़की दबाव में है?
लड़की के ताज़ा बयान के बाद अब यह सवाल उठ रहा है कि कहीं वह किसी दबाव में तो नहीं है। शुरुआती शिकायत और मजिस्ट्रेट के सामने दिए गए बयान में ज़मीन-आसमान का फर्क साफ दिख रहा है। ऐसे में यह जांच एजेंसियों के लिए एक बड़ी चुनौती है कि आखिर सच क्या है।
समाज और राजनीति में हलचल
इस केस ने कानपुर ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश में राजनीतिक हलचल मचा दी थी। विपक्षी दलों ने बीजेपी को घेरते हुए तीखी बयानबाजी की। वहीं अब लड़की का पलटा बयान बीजेपी के लिए राहत का सबब माना जा रहा है।
आगे क्या होगा?
फिलहाल केस कोर्ट में है और पुलिस द्वारा जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। लेकिन लड़की का यह बयान पूरे मामले की दिशा और परिणाम को पूरी तरह बदल सकता है। अब सबकी नजरें कोर्ट और जांच एजेंसियों पर टिकी हुई हैं।



