सिद्धार्थनगर में बच्चों का खतरनाक रेस्क्यू, एक की मौत के बाद सेना ने संभाला मोर्चा

खेल-खेल में हुआ बड़ा हादसा, 30 साल पुरानी टंकी ने ली बच्चे की जान वायुसेना के हेलीकॉप्टर ने बचाया दो बच्चों को, रात भर चला हाई वोल्टेज ड्रामा बारिश और जर्जर टंकी ने बढ़ाई मुश्किलें, जांबाज जवानों ने टाला बड़ा संकट

Up child rescue: उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले में शनिवार का दिन कुछ बच्चों के लिए काल बनकर आया। कांशीराम कॉलोनी की एक पुरानी पानी की टंकी पर खेल-खेल में चढ़े पांच बच्चों के साथ हुए हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। सीढ़ियां टूटने की वजह से हुए इस हादसे में जहां एक मासूम की जान चली गई, वहीं दो बच्चों को बचाने के लिए खुद भारतीय वायुसेना को आसमान से उतरना पड़ा।

 जर्जर सीढ़ियों ने छीनी मासूम की जान

सिद्धार्थनगर की करीब 30 साल पुरानी पानी की टंकी अब जर्जर हो चुकी थी, लेकिन बच्चों को इसका अंदाजा नहीं था। पांच बच्चे मस्ती करते हुए टंकी के ऊपरी हिस्से तक तो पहुंच गए, लेकिन उतरते समय पुरानी सीढ़ियां उनका बोझ नहीं सह पाईं और भरभराकर गिर गईं। इस दौरान तीन बच्चे सीधे नीचे जमीन पर आ गिरे। हादसे में 10 साल के सिद्धार्थ की जान चली गई, जबकि गोलू और सनी नाम के दो बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए गोरखपुर रेफर किया गया है।

Up child rescue: आसमान से उतरा सेना का हेलीकॉप्टर

दो बच्चे अभी भी टंकी के ऊपर फंसे थे और नीचे मौत जैसा मंजर था। प्रशासन ने उन्हें उतारने के लिए वैकल्पिक रास्ते की कोशिश की, लेकिन अचानक शुरू हुई बारिश ने रेस्क्यू में बाधा डाल दी। मामला हाथ से निकलता देख जिला प्रशासन ने मुख्यमंत्री कार्यालय से संपर्क किया और फिर गोरखपुर से वायुसेना का हेलीकॉप्टर मंगवाया गया। रविवार की सुबह जब हेलीकॉप्टर आसमान में मंडराया, तो पूरे इलाके की सांसें थम गईं।

 अंधेरे और बारिश के बीच सफल रेस्क्यू

Up child rescue: पवन और शाबान नाम के दो बच्चे पूरी रात खौफ के साए में टंकी के ऊपर ही रहे। रविवार सुबह करीब सवा पांच बजे सेना के जवानों ने बड़ी कुशलता के साथ हेलीकॉप्टर की मदद से दोनों बच्चों को सुरक्षित नीचे उतार लिया। इस पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान जिलाधिकारी और पुलिस के आला अधिकारी मौके पर डटे रहे। प्रशासन की मुस्तैदी और सेना की जांबाजी ने दो मासूमों को नई जिंदगी तो दे दी, लेकिन एक घर का चिराग बुझने का दुख अब भी पूरे शहर में पसरा हुआ है।

 

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