यूपी में महिला भाजपाइयों ने कांग्रेस कार्यालय पर धावा बोला, जमकर की तोड़फोड़.. कुर्सियां-मेजें सब बराबर! देखें Video..!

लखीमपुर खीरी (उत्तर प्रदेश), 1 सितम्बर 2025। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हुई कथित अभद्र टिप्पणी को लेकर देशभर में भाजपा कार्यकर्ताओं का गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी कड़ी में सोमवार को लखीमपुर खीरी में भाजपा महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस कार्यालय पर धावा बोल दिया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए कार्यालय में जमकर तोड़फोड़ की और वहां रखी कुर्सियों व पोस्टरों को नुकसान पहुंचाया।
कांग्रेस कार्यालय में घुसीं भाजपा महिला कार्यकर्ता
घटना सोमवार दोपहर की है जब भाजपा महिला मोर्चा की कार्यकर्ता जुलूस बनाकर कांग्रेस कार्यालय की ओर बढ़ीं। वहां पहुंचकर उन्होंने “राहुल गांधी माफी मांगो” और “मोदी जी का अपमान नहीं सहेंगे” जैसे नारे लगाए। इसके बाद गुस्साई कार्यकर्ता कार्यालय में घुस गईं और कुर्सियाँ तोड़ डालीं, सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी की तस्वीरें फाड़ दीं। यहां तक कि कांग्रेस के बैनर और पोस्टर भी फाड़ दिए गए।
वीडियो वायरल होने के बाद भड़का विवाद
यह पूरा विवाद बिहार के दरभंगा से शुरू हुआ, जहाँ राहुल गांधी की ‘वोटर अधिकार यात्रा’ के दौरान मंच से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी माता पर अभद्र टिप्पणी की गई थी। इस वीडियो के वायरल होने के बाद भाजपा ने इसे गंभीर अपमान बताते हुए कांग्रेस पर सीधा हमला बोला। भाजपा नेताओं का कहना है कि यह टिप्पणी कांग्रेस की मानसिकता को दर्शाती है।
भाजपा कार्यकर्ताओं का गुस्सा चरम पर
भाजपा महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने निस्वार्थ भाव से देश की सेवा की है, ऐसे में उनके खिलाफ अपमानजनक भाषा किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। महिला कार्यकर्ताओं का कहना था कि यदि कांग्रेस पार्टी इस कृत्य के लिए माफी नहीं मांगती तो उनका विरोध और तेज होगा।
कांग्रेस की प्रतिक्रिया
कांग्रेस ने इस घटना पर पलटवार करते हुए भाजपा पर आरोप लगाया कि वह लोकतांत्रिक संस्थाओं और विपक्ष की आवाज दबाने के लिए हिंसा का सहारा ले रही है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि भाजपा कार्यकर्ताओं की यह हरकत कानून-व्यवस्था की खुली चुनौती है और प्रशासन को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।
पटना और अन्य जगहों पर भी हुआ बवाल
दरभंगा विवाद के बाद पटना समेत कई शहरों में भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच भिड़ंत हो चुकी है। पटना में तो दोनों दलों के कार्यकर्ताओं के बीच लाठी-डंडे और ईंट-पत्थर तक चले थे। ऐसे में लखीमपुर खीरी की घटना ने इस विवाद को और भड़का दिया है।
प्रशासन की भूमिका
लखीमपुर खीरी की घटना के बाद स्थानीय पुलिस और प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित किया। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि इस तोड़फोड़ के मामले में किसी भाजपा कार्यकर्ता के खिलाफ FIR दर्ज की गई है या नहीं।



